||Delhi||Nancy Kaushik||बहादुरगढ़ में करोड़ो रुपए की सरकारी जमीन से अब कब्जा हटवाया जाएगा। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 20 मार्च को आदेश दे दिए हैं। पूर्व विधायक और इनेलो प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी की याचिका पर ये फैसला आया है। साल 2017 में सबसे पहले नफे सिंह राठी ने ही ये मामला उठाया था। भाजपा के उस वक्त के मनोनीत पार्षद अशोक गुप्ता पर अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर सरकारी जमीन पर कब्जा करवाने के लगे थे आरोप। उस वक्त भाजपा के विधायक रहे वर्तमान में पूर्व विधायक नरेश कौशिक ने भी अशोक गुप्ता का बचाव किया था। लेकिन अब कोर्ट ने नफे सिंह राठी की याचिका पर फैसला दिया है कि 90 दिन के भीतर परिषद की जमीन से अवैध कब्जा हटवाना है।
दरअसल बहादुरगढ़ झज्जर रोड़ पर खसरा नम्बर 2337 और 2338 में नगर परिषद की जमीन है। इसके साथ ही दूसरी जमीन भी लगती है। नफे सिंह का आरोप है कि भूमाफिया ने रजिस्ट्री दूसरे खसरा नम्बरों की करवाई और कब्जा नगर परिषद की मलकियत में दे दिया। चूंकि आरोपी सत्ताधारी पार्टी से थे तो उस वक्त दो दुकानों का नक्शा भी नगर परिषद ने पास कर दिया लेकिन भारी विरोध के बाद वो नक्शे रद्ध भी कर दिए। एडीसी ने भी पूरे मामले की जांच की और आरोपों का सही मानते हुए रिपोर्ट दी कि जिस जमीन पर अवैध निर्माण कर दुकानें बनाई गई है वो नगर परिषद की मलकियत है। नफे सिंह राठी का कहना है कि भाजपा के पूर्व विधायक नरेश कौशिक और भाजपा नेता अशोक गुप्ता को जनता से माफी मांगनी चाहिए और उन दुकानदारों को भुगतान करना चाहिए जिन्हे गलत जगह पर कब्जा दिया गया।
करोडों की सरकारी जमीन का ये मामला विधानसभा तक भी पहुंचा था। बहादुरगढ़ की जनता ने सरकारी जमीन पर कब्जे के विरोध में प्रदर्शन भी किए थे । विधायक अभय चौटाला ने विधानसभा में भी मामला उठाया था लेकिन सरकार ने अपने स्तर पर कोई कार्यवाही नही की ।अब हाईकोर्ट के आदेश में नगर परिषद को अवैघ कब्जाधारियों को से जवाब तलबी करेगी और कब्जा खाली करवाएगी। 20 मार्च को हाईकोर्ट ने इस केस में फैसला दिया है।