विद्या के मंदिर में जलभराव, भय के साए में करनी पड़ रही है पढ़ाई

दादरी शहर के बीचों-बीच स्थित राजकीय संस्कृति सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल परिसर में जलभराव की स्थिति बनी होने के कारण विद्यार्थियों को भय के साए में पढ़ाई करनी पड़ रही है। बार-बार प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद भी समाधान नहीं होने से क्षुब्ध अभिभावकों ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर स्कूल गेट पर ताला जड़ दिया।

||Delhi||Nancy Kaushik||दादरी शहर के बीचों-बीच स्थित राजकीय संस्कृति सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल परिसर में जलभराव की स्थिति बनी होने के कारण विद्यार्थियों को भय के साए में पढ़ाई करनी पड़ रही है। बार-बार प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद भी समाधान नहीं होने से क्षुब्ध अभिभावकों ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर स्कूल गेट पर ताला जड़ दिया। इस दौरान अभिभावकों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। काफी देर बाद शिक्षा अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर एक सप्ताल में स्थाई समाधान का लिखित आश्वासन देते हुए ताला खुलवाया। हालांकि अभिभावकों ने चेतावनी दी कि तय समय में समाधान नहीं हुआ तो वे फिर से स्कूल को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर देंगे।

बता दें कि राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल परिसर में काफी समय से जलभराव बना हुआ है। विद्यार्थियों को टॉयलेट में खेलने के लिए भय के साए में जाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। पानी के बीच से शौचालय में जाने के दौरान कीड़े व अन्य जानवरों के काटने का भी भय है। इस मामले को लेकर अभिभावकों द्वारा कई बार स्कूल प्रबंधन व प्रशासनिक अधिकारियों को भी अवगत करवाया गया। समाधान नहीं होने के चलते मंगलवार को आम आदमी पार्टी नेता रिंपी फौगाट की अगुवाई में अभिभावकों ने विद्यार्थियों को स्कूल से बाहर निकाल दिया और गेट पर ताला जड़ते हुए रोष प्रदर्शन किया। अभिभावक संदीप फौगाट, रामभगत, संजय शास्त्री, रिपंी इत्यादि ने बताया कि सरकार द्वारा जलभराव से निपटान बारे करीब 70 लाख रुपए की जांच राशि जारी की जा चुकी है बावजूद इसके कार्य शुरू नहीं किया गया है। अगर ऐसा ही रहा तो विद्यार्थियों को दूसरे स्कूल में भेजने पर मजबूर होना पड़ेगा।

वहीं अभिभावकों व विद्यार्थियों द्वारा स्कूल गेट पर ताला जड़ने के बाद स्कूल प्राचार्य सुरेश यादव सहित स्टाफ सदस्य मौके पर पहुंचे और आला अधिकारियों से स्थाई समाधान करवाने का आश्वासन दिया। बावजूद इसके अभिभावक नहीं मानें। बाद में डिप्टी डीईओ प्रवेश धनखड़ व स्कूल प्राचार्य सुरेश यादव ने लिखित में आश्वासन दिया कि एक सप्ताह में स्थाई समाधान कर दिया जाएगा। जिसके बाद ही स्कूल का ताला खोला गया।