तालाब के किनारे अनाज मंडी,ना बारिश से बचने के लिए शेड,न ही हो रहा उठान
रोहतक जिले के लाखन माजरा गांव की अनाज मंडी तालाब के किनारे होने से गेहूं खराब होने का अंदेशा काफी बढ़ जाता है यही नहीं लाखनमाजरा अनाज मंडी में अव्यवस्था इतनी है की एक भी शेड नहीं है जिससे अगर बारिश होती है तो किसानों का गेहूं खराब होगा।

||Delhi||Nancy Kaushik||रोहतक जिले के लाखन माजरा गांव की अनाज मंडी तालाब के किनारे होने से गेहूं खराब होने का अंदेशा काफी बढ़ जाता है यही नहीं लाखनमाजरा अनाज मंडी में अव्यवस्था इतनी है की एक भी शेड नहीं है जिससे अगर बारिश होती है तो किसानों का गेहूं खराब होगा ही साथ में आढ़तियों को भी भारी नुकसान है। लाखन माजरा अनाज मंडी में किसान अपना गेहूं खुले आसमान के नीचे रखने पर मजबूर है तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है इस तरह पानी से लबालब भरे तालाब के किनारे पर गेहूं पड़ा हुआ है यदि थोड़ी सी भी बारिश हुई तो तालाब का पानी गेहूं की ढेरों को अपनी चपेट में ले लेगा और शेड न होने के चलते बारिश से गेहूं खराब होगा वही किसानों का आरोप है कि उठान के लिए उन्हें गाड़ी ही उपलब्ध नहीं हो रही है।
लाखनमाजरा अनाज मंडी में पहुंचे किसान और आढ़तियों का कहना है कि बार-बार कहने के बावजूद भी उठान के लिए उन्हें गाड़ी उपलब्ध नहीं हो रही है जिससे अनाज मंडी में गेहूं बढ़ता जा रहा है और उठाने होने के कारण भीड़ ज्यादा हो रही है यही नहीं गेहूं की ढेरियां तालाब के किनारे मजबूरन डालनी पड़ रही है यदि बारिश होती है तो सारा गेहूं खराब होगा गौरतलब है कि सरकार और प्रशासन लगातार किसानों को बेहतर सुविधा देने का दावा कर रहे हैं बावजूद इसके अनाज मंडियों में हालात काफी खराब है जो तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है।
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