इस बारे में जानकारी देते हुए मंदिर सुधार सभा के प्रधान पवन सिंगला ने बताया कि नवरात्रि के अवसर पर 9 दिन मां भगवती की हर रोज आरती व पूजा अर्चना की जाएगी शाम के समय देवी मंदिर के प्रांगण में ही भजन कीर्तन व झांकियां प्रस्तुत की जाएगी। अष्टमी के दिन सुबह 4:00 बजे से पूजा अर्चना करने के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुगणों के लिए खोल दिया जाएंगे। उसके बाद दोपहर को एक विशाल भंडारा का आयोजन भी किया जाएगा कन्या पूजन इस दिन विशेष रहेगा।
उन्होंने बताया कि मंदिर सुधार सभा की ओर से जितने भी हमारे त्योहार हैं उन सब को हर्षोल्लास उमंग के साथ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इंद्री के देवी मंदिर में हजारों की संख्या में लोग श्रद्धालुओं आकर के अपनी मनोकामना पूर्ण होने की दुआ मांगते हैं और उनकी मनोकामना भी पूर्ण होती है जिन लोगों की मनोकामना पूर्ण होती है। वह मां भगवती का प्रसाद चढ़ते हैं जिसमें अष्टमी की कड़ाई का प्रसाद विशेष रहता है जिसमें लोगों की काफी इंतजार करना पड़ता है लगभग अभी भी 6 साल तक की बुकिंग एडवांस में ही हुई है।
मंदिर सुधार सभा का मुख्य उद्देश्य यह है कि जितने भी हमारे सनातन धर्म के त्यौहार है उनको अच्छी तरह से मना करके लोगों के अंदर एक संदेश जाए कि हमें आपस में अगर विरोध को भूल करके आपस में भाई-बहन चार काम रखते हुए सभी त्योहारों को आपस में मिलजुल करके मनाने चाहिए।