द्रोणा कॉलेज के बच्चो ने लहराया जीत का परचम

सीपीएसएम कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन की ओर से 15वी इंटर कॉलेज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के करीब 15 कॉलेजो ने भाग लिया। द्रोणा कॉलेज के चेयरमैन भीष्म भारद्वाज के सानिध्य में 10 प्रतिभागियों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और ओवरआल ट्राफी जीतकर अपने कॉलेज का नाम रोशन किया। कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉक्टर पूनम सिंधु समेत डॉ सुमन, दीपशिखा कौशिक, सोनिया माही, किरन व ज्योति यादव ने सभी विजेताओं का हौसला बढ़ाया। कॉलेज की प्रिंसिपल पूनम सिंधु ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि सीपीएसएम कॉलेज में 15 कॉलेज के करीब 80 बच्चों ने कॉम्पिटिशन में हिस्सा लिया था और हर साल की तरह इस साल भी उनके कॉलेज ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 7 ट्रॉफीज जीतने में सफलता प्राप्त की तो वहीं डॉक्टर पूनम की माने तो इस तरह के कॉम्पिटिशन में पार्टिसिपेट करने से बच्चो का स्टेज फियर दूर होता है और बच्चो के फ्यूचर में इस तरह की एक्टिवटीज़ बहुत मददगार साबित होंगी।

सीपीएसएम कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन की ओर से 15वी इंटर कॉलेज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के करीब 15 कॉलेजो ने भाग लिया। द्रोणा कॉलेज के चेयरमैन भीष्म भारद्वाज के सानिध्य में 10 प्रतिभागियों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और ओवरआल ट्राफी जीतकर अपने कॉलेज का नाम रोशन किया। कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉक्टर पूनम सिंधु समेत डॉ सुमन, दीपशिखा कौशिक, सोनिया माही, किरन व ज्योति यादव ने सभी विजेताओं का हौसला बढ़ाया। कॉलेज की प्रिंसिपल पूनम सिंधु ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि सीपीएसएम कॉलेज में 15 कॉलेज के करीब 80 बच्चों ने कॉम्पिटिशन में हिस्सा लिया था और हर साल की तरह इस साल भी उनके कॉलेज ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 7 ट्रॉफीज जीतने में सफलता प्राप्त की तो वहीं डॉक्टर पूनम की माने तो इस तरह के कॉम्पिटिशन में पार्टिसिपेट करने से बच्चो का स्टेज फियर दूर होता है और बच्चो के फ्यूचर में इस तरह की एक्टिवटीज़ बहुत मददगार साबित होंगी।
तो वहीं चॉकबोर्ड राइटिंग की विनर रही प्रीति की माने तो पिछले 15 दिनों इस कॉम्पिटिशन की तैयारी चल रही थी और उनके कॉलेज ने चॉक बोर्ड राइटिंग के अलावा नृत्यकला, फ्रेश फ्लावर अरेंजमेंट, रंगोली व पीपीटी में ट्राफी जीतने सफलता प्राप्त की। प्रीति ने दूसरे स्टूडेंट्स को कॉलेज में आने का न्यौता देते हुए कहा कि उनका कॉलेज हर तरह की सुविधाओं से लैस है ऐसे में इस तरह के कॉम्पिटिशन में पार्टिसिपेट करना उनके कैरियर में मील का पत्थर साबित होगा तो वहीं अन्य विनर हेमंत ने मीडिया से कहा कि इस तरह के कॉम्पिटिशन से अपनी प्रतिभा को निखारने का मौका मिलता है। हेमंत की माने तो उनके कॉलेज के टीचर्ज़ बहुत ज़्यादा सपोर्टिव हैं और उन्हें हर चीज़ के लिए प्रोत्साहन देते हैं।