200 बेड का अस्पताल बनकर तैयार 100 करोड़ की लागत से बने इस अस्पताल का उद्घाटन करेंगे सीएम

यमुनानगर में सौ करोड़ की लागत से बन रहे 200 बेड के अस्पताल का उद्घाटन करने के लिए सीएम के कार्यक्रम को लेकर जहां उत्साह है और लोगों को इससे कई सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी है वहीं आम जनता के साथ-साथ राजनीतिक दल भी सवालिया निशान लगा रहे हैं कि बिना डॉक्टरोंके बनी बिल्डिंग आखिर किस काम की?

||Delhi||Nancy Kaushik||यमुनानगर में सौ करोड़ की लागत से बन रहे 200 बेड के अस्पताल का उद्घाटन करने के लिए सीएम के कार्यक्रम को लेकर जहां उत्साह है और लोगों को इससे कई सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी है वहीं आम जनता के साथ-साथ राजनीतिक दल भी सवालिया निशान लगा रहे हैं कि बिना डॉक्टरोंके बनी बिल्डिंग आखिर किस काम की?अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी मानते हैं कि विभाग में डॉक्टरों के साथ-साथ सपोर्टिंग स्टाफ व सफाई कर्मियों का भारी टोटा है।
11 मई को प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल यमुनानगर में 200 बेड के नवनिर्मित अस्पताल का लोकार्पण करने आ रहे हैं जिसे लेकर लोगों में भारी उत्साह है क्योंकि यहां इस अस्पताल के बनने से अनेकों सुविधाएं लोगों को मिलेंगी लेकिन आम जनता के साथ-साथ राजनीतिक दल व अन्य संगठन भी इस बात पर सवालिया निशान लगा रहे हैं कि सीएम साहब क्या बिना डॉक्टरों के बने बिल्डिंग का लोकार्पण करेंगे। बता दें कि अस्पताल में ना तो मनोवैज्ञानिक  डाक्टर है ना ही एमडी मेडिसिन डॉक्टर और ना ही गायनोलॉजिस्ट इतना ही नहीं सफाई कर्मियों की भी भारी कमी है जबकि स्पोर्टिंग स्टाफ थी आधे से कम है ऐसे में जनता के साथ-साथ राजनीतिक दलों द्वारा सवालिया निशान उठाए जाने लाजमी है। हालांकि सिविल सर्जन मनजीत सिंह सिंह भी इस बात को मानते हैं लेकिन उनका कहना है कि इस बारे विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ सरकार को भी अवगत करवाया गया है तथा उन्हें आशा है कि सरकार जल्द ही रिक्त पदों को भरने का काम करेगी। कांग्रेसी नेता श्यामसुंदर बत्रा तथा आई एम ए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राजन शर्मा भी बिना डॉक्टरों की बिल्डिंग के उद्घाटन पर उंगलियां उठा रहे हैं।
जिले के लोगों को 200 बेड वाले 100 करोड़ की लागत से तैयार अस्पताल की सौगात मिलने जा रही हो लेकिन अस्पताल डॉक्टरों नर्सों स्पोटिंग स्टॉप सफाई कर्मियों का जहां भारी टोटा है वही खामियों को लेकर राजनीतिक दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों को लेकर अब देखना होगा  कि सरकार कब विराम लगाएगी तथा जल्द ही अस्पताल में रिक्त पड़े स्थानों को भरेगी।