महेंद्रगढ़ के नागरिक अस्पताल मेंअपनी लंबित मांगों को लेकर आज अस्पताल परिसर मे सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की ओर विरोध जताया। मांगे
[sushil sharma , mohinder ghar] महेंद्रगढ़ के नागरिक अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आज अस्पताल परिसर मे सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की ओर विरोध जताया। मांगे पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की दी चेतावनी।

महेंद्रगढ़ के नागरिक अस्पताल में आज जिला प्रधान नर्सिंग स्टाफ सुशीला कौशिक के नेतृत्व में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आज अस्पताल परिसर मे सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की ओर विरोध जताया। मांगे पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की दी चेतावनी। हरियाणा सरकार व स्वास्थ्य विभाग हरियाणा को चेतावनी देते हुए जिला प्रधान नर्सिंग स्टाफ सुशीला कौशिक कहा कि यदि सरकार व स्वास्थ्य विभाग हरियाणा उनकी मांगों को मानने में अभी भी सकारात्मक कार्यवाही अमल में नहीं लाता है तो आंदोलन को ओर बड़ा रूप दिया जाएगा। उसके बाद राज्य कार्यकारिणी की मीटिंग करके आगे जो निर्णय लिया जाएगा उसके अनुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होने कहाकि लम्बे समय से उनकी ये मांगे चली आ रही है लेकिन सरकार ने अब तक उनकी इन लंबित मांगो पर कोई ध्यान नहीं दिया है। उन्होने कहाकि केन्द्र के समान नर्सिंग भत्ता 7200 रुपए देने, नर्सिंग अधिकारी के पद को केंद्र सरकार की तर्ज पर ग्रुप सी से ग्रुप बी में शामिल करने तथा डीजीएचएच हरियाणा, पंचकुला के कार्यालय में डिप्टी डायरेक्टर नर्सिंग व असिस्टेंट डायरेक्टर नर्सिंग के पदों पर नर्सिंग स्टाफ के कर्मचारियों की तुरन्त प्रभाव से नियुक्ति करने की उनकी मांगे है। काफी लम्बे समय से चली आ रही अपनी मांगों पर हरियाणा सरकार व स्वास्थ्य विभाग हरियाणा की टरकाऊ नीति से आहत होकर नर्सिंग वैलफेयर एसोसिएशन हरियाणा की राज्य कार्यकारिणी द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार अपनी मांगों को मनवाने के लिए दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि आज शाम को हमारी मीटिंग है। हमारी लंबित मांगो को लेकर मीटिंग में जो फैसला होगा उसके अनुसार हम आगे की रूपरेखा तैयार करेंगे। हमारी मांगों को नहीं माना गया तो हम पूर्ण रूप से स्ट्राइक पर जा सकते हैं और सीएम सिटी का भी घेराव किया जा सकता है। अगर हमारी मांगों को सरकार नहीं मानती है तो जो भी मरीज अस्पताल में आएगा वह परेशान होगा और उसकी जिम्मेवारी पूरी सरकार की होगी।
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