प्राचीन शहर महेंद्रगढ़ अब कूड़ागढ़ बनता जा रहा है।

[sushil sharma , mohinder garh ] प्राचीन शहर महेंद्रगढ़ अब कूड़ागढ़ बनता जा रहा है। प्रतिवर्ष 300 लाख रुपये सफाई पर खर्च होने के बाद भी यहां की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। 40 हजार की आबादी वाले शहर में मात्र दो टैंपों कूड़ा कलेक्शन के लिए चल रहे हैं। घरों पर कूड़ा टैंपों नहीं पहुंचने की वजह से लोग मुख्य रास्तों पर कूड़ा डाल देते हैं। बाजार के अंदर कई स्थानों पर लोगों ने कूड़ा प्वाइंट बना लिए हैं, दुकानदार और आसपास के लोग उसी स्थान पर कूड़ा डालते हैं। हालात यह है कि वार्ड नंबर 15 के पार्षद के बोर्ड के पास बहुत अधिक कूड़ा पड़ा हैं यहां तक की उसके बोर्ड पर फट्टे हुए कपड़े लटका रखे हैं। इतना ही नहीं डंपिंग यार्ड भी भर चुका है और अब नगरपालिका सफाई कर्मचारी कार्यालय के सामने खाली पड़ी जगह पर शहर के बीच में कूड़ा डाल रहे हैं।

प्राचीन शहर महेंद्रगढ़ अब कूड़ागढ़ बनता जा रहा है। प्रतिवर्ष 300 लाख रुपये सफाई पर खर्च होने के बाद भी यहां की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। 40 हजार की आबादी वाले शहर में मात्र दो टैंपों कूड़ा कलेक्शन के लिए चल रहे हैं। घरों पर कूड़ा टैंपों नहीं पहुंचने की वजह से लोग मुख्य रास्तों पर कूड़ा डाल देते हैं। बाजार के अंदर कई स्थानों पर लोगों ने कूड़ा प्वाइंट बना लिए हैं, दुकानदार और आसपास के लोग उसी स्थान पर कूड़ा डालते हैं। नपा की ओर से उन प्वाइंट पर कूड़ा न डालने का बोर्ड तो लगा दिया लेकिन न तो घरों और दुकानों पर कूड़ा कलेक्शन टैंपों जा रहे और न ही वहां पर डस्टबिन लगाए हुए हैं। मजबूर लोगों को उन प्वाइंटों पर कूड़ा डालना पड़ता है। हालात यह है कि वार्ड नंबर 15 के पार्षद के बोर्ड के पास बहुत अधिक कूड़ा पड़ा हैं यहां तक की उसके बोर्ड पर फट्टे हुए कपड़े लटका रखे हैं। इतना ही नहीं डंपिंग यार्ड भी भर चुका है और अब नगरपालिका सफाई कर्मचारी कार्यालय के सामने खाली पड़ी जगह पर शहर के बीच में कूड़ा डाल रहे हैं। नगरपालिका प्रशासन की लापरवाही की वजह से यहां के लोगों को नारकीय जीवन व्यतीत करना पड़ रहा है। कूड़ा कचरे की वजह से मक्खी मच्छर पनप रहे हैं। इससे बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। इस संबंध में शहरवासियों ने अपनी प्रतिकि्या दी।

 रेडिमेड कपड़ा व्यापारी प्रवीण तिवाड़ी ने बताया कि शापिंग कॉम्पलेक्स नगरपालिका का सबसे बड़ा मार्केट है। इस मार्केट में न तो पानी की और न ही शौचालय की व्यवस्था है। पास में कितना कूड़ा डाला गया है। कूड़ा पड़े हुए एक महीने का समय हो गया है। लोग बीमार हो रहे हैं। अधिकारियों से मांग है कि जल्द से जल्द कूड़े का निपटान करवाया जाए। चेयरमैन को कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा। शॉपिंग कॉम्पलैक्स के पास ही नगरपालिका सफाई कर्मचारी पूरे शहर का कूड़ा डाल रहे हैं। इस संबंध में हमने ज्ञापन भी दिया गया था लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। इस स्थान को नपा ने डंपिंग यार्ड बना दिया है।

किरयाणा व्यापारी रूपेश ने बताया कि नगरपालिका पूरे शहर का कूड़ा डालरकर हमारी दुकानों के पास डाल देती है। यह बुरी तरह से सड़ रहा है। हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। शौचालय की व्यवस्था भी नहीं है। एक शौचालय था उसको भी तोड़ दिया। महिला तो दूर आदमी के लिए शौच के लिए कहीं नहीं जा सकता। वार्ड नंबर 15 के पार्षद सुनील तायल ने बताया कि नगरपालिका का कूड़े का टेंडर खत्म हो रखा है। इसका प्रस्ताव पास किया हुआ है। एक व्यक्ति की दिमागी रूप से कमजोर है, वो इस प्रकार की हरकत कर देता है। हम जल्द ही उनको हटवा देंगे।

 नगरपालिका चेयरमैन रमेश सैनी ने बताया कि डोर टू डोर का टेंडर खत्म हो चुका है। डीएमसी ने 29 जुलाई तक टेंडर लगाने की बात कही है। दूसरा अधिकारी भी काम नहीं कर रहे हैं तो उसके लिए भी उच्च अधिकारियों को शिकायत की गई है। फिलहाल हमने कूड़ा उठाने के लिए एक जेसीबी और पांच ट्रैक्टर की व्यवस्था की गई।