||Delhi||Nancy Kaushik||गेहूं का सीजन पीक पर है लेकिन अंबाला की अनाज मंडी में किसानों की फसलों के लिए जगह नहीं बची है जिसका कारण स्लो लिफ्टिंग है।वही अनाज मंडी में लगे हुए फसल के भरमार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
गेहूं का सीजन इन दिनों पीक पर है किसान अपनी फसलों को लेकर मंदिरों में पहुंच रहे हैं पर लेकिन अंबाला की अनाज मंडी में अब फसल रखने की जगह भी नहीं बची है इसका कारण स्लो लिफ्टिंग है जिसकी वजह से किसान भी परेशान दिखाई दे रहे हैं वही मौसम विभाग के द्वारा भी अगले 4 दिनों में मौसम में परिवर्तन के आसार बताए जा रहे हैं जिसने किसानों की चिंताएं और बढ़ा दी है। हर साल मंडियों में दो कंपनियों को फसल उठाने का काम दिया जाता था पर लेकिन इस बार एक ही कंपनी यह सारी फसल उठा रही है जिसकी वजह से उठान की गति काफी धीमी है। इस बारे में जब किसानों से बात की गई तो उनका कहना है कि काफी समय हो चुका है पर लेकिन अभी भी फसलों का उठान नहीं हो रहा है जिसकी वजह से उन्हें काफी नुकसान हो रहा है।
स्लो लिफ्टिंग को लेकर आढ़तियों का कहना है कि इस बार मौसम की मार की वजह से किसानों के अपनी फसलों की कटाई मशीन से शुरू कर दी और भारी मात्रा में फसल जल्दी मंडी में आने लग गई इसलिए लिफ्टिंग का काम काफी धीमा हो गया है जिसकी वजह से उन्हें काफी नुकसान हो सकता है।
वही इस बारे में अंबाला शहर अनाज मंडी के सेक्रेटरी दलेल सिंह ने बताया की अभी तक मंडी में लगभग साढ़े तीन लाख क्विंटल गेहूं आ चुकी है जिनमे से डीएफएससी ने 26% और हैफेड ने 11% फसल उठा ली है वही इस बार लिफ्टिंग का काम धीरे चल रहा है।