करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी शहर में लगे हैं कूड़े के ढेर

नगर निगम गुरुग्राम शहर की सफाई व्यवस्था पर हर महीने करोड़ो खर्च करता है,  बावजूद इसके शहर भर में कूड़े के अंबार लगे हुए है, जो न केवल शहर की सफाई व्यवस्था की पोल खोलने में लगे हुए है, बल्कि सफाई व्यवस्था के नाम पर खेले जा रहे करोड़ो के घोटाले को उजागर करने का काम कर रहे है। वही नगर निगम के अधिकारी गुरुग्राम से कूड़ाग्राम बनते शहर को मूक दर्शक बन मौन स्वीकृति प्रदान करने में लगे है। अब हालात बिगड़ते देख एचसीएस सरीखे अधिकारी को शहर की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे गंभीर आरोप हम नही बल्कि केंद्रीय मंत्री राव इंदजीत भी लगा चुके है की कैसे प्रदेश में अफसरशाही बेलगाम हो चली है।  वही अब शहर में सफाई व्यवस्था का जिम्मा एचसीएस अधिकारियों को सौंपा गया है। पूरे नगर निगम क्षेत्र को 19 जोन में बांटकर सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। गुड़गांव नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए करीब 80 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं। एक तरफ से जहां कूड़े के ढेर को समाप्त किया जाता है तो दूसरी तरफ कूड़े का ढेर तैयार हो जाता है। घर -घर से कूड़ा उठान की योजना भी ठप पड़ी हुई है। ऐसे में सुबह जब नगर निगम कर्मचारी शहर में सफाई कर कूड़ा उठान कराते हैं तो दोपहर बाद से ही शहर में एक बार फिर लोग कूड़ा सड़क किनारे फेंककर दोबारा कूड़े का पहाड़ खड़ा कर देते हैं। शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने विशेष अभियान चलाकर शहर को साफ करने का निर्णय लिया। ऐसे में अब एचसीएस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

नगर निगम गुरुग्राम शहर की सफाई व्यवस्था पर हर महीने करोड़ो खर्च करता है,  बावजूद इसके शहर भर में कूड़े के अंबार लगे हुए है, जो न केवल शहर की सफाई व्यवस्था की पोल खोलने में लगे हुए है, बल्कि सफाई व्यवस्था के नाम पर खेले जा रहे करोड़ो के घोटाले को उजागर करने का काम कर रहे है। वही नगर निगम के अधिकारी गुरुग्राम से कूड़ाग्राम बनते शहर को मूक दर्शक बन मौन स्वीकृति प्रदान करने में लगे है। अब हालात बिगड़ते देख एचसीएस सरीखे अधिकारी को शहर की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे गंभीर आरोप हम नही बल्कि केंद्रीय मंत्री राव इंदजीत भी लगा चुके है की कैसे प्रदेश में अफसरशाही बेलगाम हो चली है।  वही अब शहर में सफाई व्यवस्था का जिम्मा एचसीएस अधिकारियों को सौंपा गया है। पूरे नगर निगम क्षेत्र को 19 जोन में बांटकर सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। गुड़गांव नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए करीब 80 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं। एक तरफ से जहां कूड़े के ढेर को समाप्त किया जाता है तो दूसरी तरफ कूड़े का ढेर तैयार हो जाता है। घर -घर से कूड़ा उठान की योजना भी ठप पड़ी हुई है। ऐसे में सुबह जब नगर निगम कर्मचारी शहर में सफाई कर कूड़ा उठान कराते हैं तो दोपहर बाद से ही शहर में एक बार फिर लोग कूड़ा सड़क किनारे फेंककर दोबारा कूड़े का पहाड़ खड़ा कर देते हैं। शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने विशेष अभियान चलाकर शहर को साफ करने का निर्णय लिया। ऐसे में अब एचसीएस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

और जब कुड़े-ग्राम से बचने को जनता ने लिया भगवान का सहारा"
दरअसल बीते कुछ महीनों में गुरुग्राम की सड़कों चौक चौराहों के बीच से लेकर गली मोहल्लों तक मे भगवान की मूर्ति लगाने का चलन बढ़ता जा रहा है। ऐसा धार्मिकता की वजह से नही बल्कि इन इलाकों में कूड़े के अंबार को खत्म करने के लिए स्थानीय लोगो ने भगवान की मूर्तियां शहर भर की सड़कों के बीचों बीच और चौक चौराहों पर लगानी शुरू कर दी उस नगर निगम क्षेत्र में, जिस नगर निगम का सालाना बजट 2 हज़ार करोड़ से ज्यादा का है। जहाँ बीते 10 साल से मनोहर और अब नायाब सरकार राज करने में लगी है।  नगर निगम की मेयर टीम बीजेपी की है तो वही नगर निगम की सदन में भी भाजपा पार्षदों का बोल बाला है। वही अधिकारियों की मानें तो जिला प्रशासन, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, जिला परिषद, जीएमडीए, जीएमसीबीएल सहित अन्य विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है ,जो शहर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने में मदद करेंगे। वही शहर में दो साल के लिए आठ एजेंसियों को सफाई का ठेका दिया गया था। इन एजेंसियों के अंतर्गत करीब 5 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। यह कर्मचारी शहर की गलियों के साथ-साथ मुख्य सड़कों को साफ करने का कार्य करते हैं। शहर में बनाए गए डंपिंग पॉइंट व अवैध खत्तों से रोजाना करीब 800 टन गीला कचरा तथा 400 टन सूखा कचरा निकलता है जिसे निस्तारण के लिए भेजा जा रहा है।


वही अधिकारियों की मानें तो एक सप्ताह में शहर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी और अवैध डंपिंग पॉइंट को भी समाप्त कर दिया जाएगा।