INLD की परिवर्तन यात्रा पहुँची भिवानी

2024 के चुनावों की आहट को लेकर हरियाणा के नेताओं में जुबानी जंग छिड़ चुकी है  भिवानी पहुँचे पूर्व सीएम ओपी चौटाला ने सरकार व सीएम पर जमकर कटाक्ष किए। उन्होंने सरकार से नौकरियों को लेकर लिस्ट जारी करने की मांग की तो वहीं जेजेपी पर एक भी वादा पूरा ना करने का आरोप लगाया। 

||Delhi||Nancy Kaushik||2024 के चुनावों की आहट को लेकर हरियाणा के नेताओं में जुबानी जंग छिड़ चुकी है  भिवानी पहुँचे पूर्व सीएम ओपी चौटाला ने सरकार व सीएम पर जमकर कटाक्ष किए। उन्होंने सरकार से नौकरियों को लेकर लिस्ट जारी करने की मांग की तो वहीं जेजेपी पर एक भी वादा पूरा ना करने का आरोप लगाया। 

2024 के चुनावों को जीतने के लिए तपती गर्मी में नेता पसीना बहा रहे हैं। कोई जनसभा, कोई रैली तो कोई यात्रा कर रहा है। इसी को लेकर फरवरी माह में जारी इनेलो की परिवर्तन यात्रा भिवानी पहुँची। ये यात्रा 20 मई तक भिवानी जिले में रहेगी। भिवानी में इस यात्रा की शुरुआत धनाना गांव से की गई। पहले दिन यात्रा का नेतृत्व पूर्व सीएम ओपी चौटाला ने किया। 

  इस दौरान यात्रा में सैंकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। ढोल नगाड़ों व बम पटाखे बजा कर यात्रा का स्वागत किया गया। भिवानी मे पहले ये यात्रा धनाना से शुरू होकर तालु, कुंगड़, सिवाड़ा व पुर गांव से 22 किलोमीटर का सफर तय करते हुए। भवानी खेड़ा क़स्बा में पहुँची। इस दौरान पूर्व सीएम ओपी चौटाला ने हर गाँव में जनसभा को भी संबोधित किया। 

  मीडिया से मुखातिब होते हुए पूर्व सीएम ओपी चौटाला ने कहा कि उनकी यात्रा को लोगों का ज़बरदस्त समर्थन मिल रहा है। जिस आधार पर उन्होंने विश्वास जताया कि देश व प्रदेश में परिवर्तन होगा। उन्होंने कर्नाटक चुनावों के रिजल्ट पर कहा कि हमारी सोच है कि सभी को साथ लेकर सरकार बनाए और लोगों की ज़रूरत पूरी कर इन्हें हर सुविधा दें। 

ओपी चौटाला ने सीएम मनोहर लाल के जनसंवाद पर कटाक्ष किया और कहा कि सीएम की कौन सुनता है। उनका तो उनकी विधानसभा में ही हेलीकॉप्टर नहीं उतरने दिया था। वहीं वर्तमान सरकार द्वारा सबसे अधिक नौकरी देने के दावे पर लिस्ट जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार लिस्ट जारी कर बताए कि किये नौकरी दी और किसे क्या सुविधा दी। वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि जेजेपी ने घोषणा पत्र में किया एक भी वादा पूरा नहीं किया है। 

 पूर्व सीएम चौटाला ने सरकार व सीएम के साथ जेजेपी को भी निशाने पर लिया है। साथ ही सत्ता परिवर्तन के लिए विपक्षों एकजुट होने की नसीहत दी है। ऐसे में देखना होगा कि विपक्ष पर चौटाला की नसीहत का असर पड़ता है या नहीं और उनकी ये यात्रा कितना परिवर्तन लाती है।