||Delhi||Nancy Kaushik||जुलाई व अगस्त में होने वाली मौसमी बारिश में भिवानी को डूबने से बचाने के लिए सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने प्रशासन व पत्रकारों के साथ कई घंटे मंथन किया। इस दौरान सांसद ने एक ठेकेदार व एक JP को लापरवाही बरतने पर खूब लताड़ पिलाई।
यूँ तो जुलाई व अगस्त महीने में होने वाली बारिश जहां खेतों मे राहत तो शहरों मे आफत बनकर आती है। बात करें भिवानी की तो चंद घंटे की बारिश में भिवानी पानी पानी हो जाती है। सीवरेज सिस्टम ठप हो जाता है। ज्यादातर कॉलोनियों में पेयजल सप्लाई ठप हो जाती है। ठीक भी होती है तो सीवरेज की गड़बड़ी के चलते लोगों के घर गंदा पानी सप्लाई होता है। पर इस बार से समस्या न आए, इसको लेकर पहली बार सांसद ने प्रशासन व पत्रकारों के साथ पहले ही मंथन शुरू कर दिया है।
सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने जन स्वास्थ्य विभाग में उच्च अधिकारियों व पत्रकारों के साथ क़रीब तीन घंटे मंथन किया। इस दौरान अधिकारियों व पत्रकारों से शहर के सीवरेज सिस्टम व पेयजल सप्लाई में आ रही समस्याओं को जाना और उसके समाधान पर सभी के विचार लिए। इसी दौरान सांसद में एक ठेकेदार द्वारा समय पर काम ना करने पर 20 दिन का और समय दिया और इसके बाद उसकी पेयमेंट रोकने व FIR दर्ज करवाने के आदेश दिए। वहीं एक JE द्वारा किसी का भी फोन न उठाने पर कहा कि फोन उठाने में ज्यादा ही दिक्कत है तो क्यों ना आपकी कॉल CM को कह कर EIC को फ़ॉरवर्ड करवा दी जाए।
भिवानी को बारिश में डूबने से बचाने के लिए मंथन के बाद सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने कहा कि शहर के सीवरेज सिस्टम को दुरुस्त करने व पेयजल सप्लाई ठीक करने के लिए ये मंथन किया है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि इस बार बारिश में शहर ना डूबे और शहर के लोग स्वस्थ पानी पियें, इसको लेकर खाका तैयार किया है और अधिकारियों व कर्मचारियों को काम पूरा करने के लिए समय सीमा तय की गई है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर स्थाई से पहले अस्थाई समाधान करने का भी खाका तैयार किया गया है।
निश्चित तौर पर हर बार बारिश में डूबते शहर को बचाने के लिए सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह की ये सराहनीय पहल है। पर देखना होगा कि क्या सच में हर बार काम को लेकर आनाकानी करने वाले अधिकारी व ठेकेदारों को सांसद की ये पहल कुंभकर्णी नींद से जगा पाती है या नहीं।