||Delhi||Nancy Kaushik||खेल नगरी के नाम से मशहूर भिवानी के खिलाडिय़ों ने राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश को नई पहचान दिलाने का काम किया है, जिसके बाद पदक प्राप्त खिलाड़ी विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे है। उसके बावजूद भी भिवानी के भारतीय खेल प्राधिकरण छात्रावास में एथलेटिक्स की आवासीय सीटें घटाई जा रही है, जो भिवानी के खिलाडिय़ों के साथ अन्याय है। भिवानी के साई हॉस्टल में एथलेटिक्स की सीटे बढ़ाने की मांग को लेकर एथलेटिक्स खिलाडिय़ों ने साई के इंचार्ज कुलदीप के माध्यम से सांसद धर्मबीर सिंह, विधायक घनश्याम सर्राफ एवं उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
छात्र नेता सूर्य प्रताप ने बताया भिवानी साई छात्रावास की स्थापना वर्ष 1986 में हुई थी, जब से लेकर आज तक भिवानी के अनेकों खिलाडिय़ों ने देश को दिए अर्जुन अवॉर्डी, द्रोणाचार्य अवॉर्डी, ओलंपियन, एशियन गेम विजेता, वल्र्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप जीत देश-विदेश में भारत का नाम चमकाया। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के उपरांत छात्रावास की एथलेटिक्स की आवासी सीटें 30 से घटाकर 10 कर दी गई, जो कि खिलाडिय़ों से अन्याय है। उन्होंने बताया कि जिला के आस-पास के गांवों से सैंकड़ों खिलाड़ेी रोजाना यहां अभ्यास करने आते है। बहुत से खिलाडिय़ों की आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के कारण वे खुराक का खर्चा नहीं उठा पाते। जिसके बाद उनके पास एकमात्र विकल्प साई हॉस्टल ही रह जाता है, लेकिन सरकार ने छात्रावास की सीटे घटाकर खिलाडिय़ों के सपनों को चकनाचूर करने का काम किया है। युवाओं ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि एथलेटिक्स खेल की आवासीय व गैर आवासीय सीटें बढ़ाई जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि इस बारे जल्द ही कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो भिवानी जिला के खिलाड़ी व खेल प्रेमी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। एक खिलाड़ी बच्चे के अभिभावक सतीश तंवर ने बताया कि सरकार का रवैया हॉस्टल के प्रति अच्छा नहीं है, इससे जो बच्चे देश का भविष्य है, जो देश और विदेश में हमारे देश का नाम करते हैं।उनकी प्रतिभा सुविधा न मिलने पर वंचित रह जाएंगे।
इस अवसर पर खिलाड़ियों ने कहा कि खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करने के लिए दूर-दूर के गांव से भिवानी में आना पड़ता है और साईं ने भिवानी में एथलेटिक की सीट कम कर दी इससे खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा उन्होंने सरकार से अपील की है कि सरकार साई हॉस्टल की सीटों को कम ना करें और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाएं |