गुडगाँव-बिल्डर ने डकार लिए 4 हजार निवेशकों के हजारों करोड़
शहर में बिल्डरों की मनमानी इतनी बढ़ गई है कि वह न तो निवेशकों से रुपए लेने के बाद अपने प्रोजेक्ट को पूरा कर रहे हैं और न ही रेरा कोर्ट के आदेशों को मान रहे हैं। यही कारण है कि निवेशकों को अब सड़कों पर उतरकर अपने हक की आवाज को बुलंद करना पड़ रहा है।

निवेशकों का कहना है कि बिल्डर ने उन्हें सपने दिखाकर 2013 में अपने प्रोजेक्ट बेचे थे। सोहना में चल रहे चार प्रोजेक्टों को 2018 तक पूरा कर निवेशकों को पेंशन देनी थी, लेकिन आज तक यह प्रोजेक्ट पूरे नहीं हुए हैं। प्रोजेक्ट पूरा न होने तक बिल्डर ने उनके लोन की किस्त भरनी थी, लेकिन बिल्डर ने यह किस्त भरनी भी बंद कर दी है।
निवेशकों ने बताया कि जब बिल्डर ने किस्त भरनी बंद कर दी तो मजबूरन उन्हें ही किस्त भरनी पड़ रही है। जिन निवेशकों की किस्त बाउंस हो गई उनके खिलाफ लोन देने वाली कंपनी ने भी केस कर दिए हैं। अब उन्हें क्रिमिनल केस की भी मार झेलनी पड़ रही है।
निवेशकों का कहना है कि सुपरटेक बिल्डर के कई प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं जिनमें चार हजार से भी अधिक निवेशक हैं जो परेशान हो रहे हैं। इन निवेशकों के हजारों करोड़ रुपए बिल्डर के पास हैं जो वह वापस करने से भी इंकार कर रहा है। उन्होंने रेरा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, गृहमंत्री अनिल विज व रेरा चेयरमैन से न्याय की मांग की है।
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