वही अहीर रेजिमेंट के सयोजक अरुण यादव की माने तो पिछले 2 साल से अहीर रेजिमेंट की मांग को लेकर खेड़कीदौला इलाके में धरना चल रहा है। इस धरने में देश के सभी राजनीतिक दल के नेता पहुच चुके है और रेजिमेंट बनाए जाने की वकालत भी कर चुके है, लेकिन केंद्र सरकार इस पर कोई ध्यान नही दे रही। अब समय आ गया है कि सरकार को वोट की चोट से जगाया जाए। आज़ादी से पहले जिसने भी अंग्रेज़ो का साथ दिया गुलामी की अंग्रेज़ो ने उन सभी जातियों के नाम से रेजिमेंट बनाई थी ,लेकिन अहीरों ने सदा अंग्रेज़ो का विरोध किया मुखालफत की इसलिए अहीरों की रेजिमेंट को नही बनाया गया।
वही आपको बता दें की अभी तक अहीर रेजिमेंट धरना प्रदर्शन से दक्षिण हरियाणा के तमाम राजनैतिक दलों के नेताओ ने दूरी बनाई हई थी, लेकिन लोकसभा चुनावो को देखते हुए और 23 मार्च को होने वाली पंचायत को देखते हुए अब अहीर रेजिमेंट के नाम पर सियासत गर्म होने के आसार नजर आने लगे है।