अंबाला के मुलाना के गाँव शेरपुर के जवान गुरप्रीत सिंह की लेह लद्दाख में एक हादसे में मौत हो गई। दरअसल 32 वर्षीय गुरप्रीत सिंह सेना में लेह लद्दाख में तैनात था , इसी दौरान गश्त करते हुए गुरप्रीत सिंह का पैर फिसल गया और गुरप्रीत सिंह नहर में गिर गया। गुरप्रीत के साथी जवानों ने उसे नहर से बहार निकाला और घायल अवस्था में उसे हॉस्पिटल पहुँचाया जहाँ इलाज के दौरान गुरप्रीत जिंदगी की जंग हार गया। गुरप्रीत की बटालियन ने गुरप्रीत के निधन की सूचना उसके परिजनों को दी। गुरप्रीत की मौत की खबर सुनते ही पूरे गाँव में शोक की लहार दौड़ गई , गुरप्रीत के परिजनों का रो रो के बुरा हाल है। गुरप्रीत के पिता दलीप सिंह ने बताया की उन्हें सेना से सीईओ का फोन आया की उनका बीटा शहीद हो गया है , उसकी मौत कैसे हुए इसकी फिलहाल कोई जानकारी उन्हें नहीं दी गई है।
गुरप्रीत सिंह की शाहदत की खबर जैसे ही उसके गांव में पहुंची हर किसी का रो रो कर बुरा हाल हो गया , मात्र 32 साल की उम्र में शहीद हुए गुरप्रीत का एक चार साल का बेटा है और दुसरे बेटे की उम्र मात्र एक साल है , गुरप्रीत की बहन मनप्रीत ये सब बताते बताते सुबक पड़ी और इससे ज्यादा कुछ और नहीं बोल पाई। यही हाल गाँव के सरपंच जीत राम का है जो गुरप्रीत की मौत की खबर से इतना क्षुब्ध था की वो कुछ बोल पाने में भी असमर्थ था।