गुरूग्राम यूनिवर्सिटी में इंटरनेशन सेमिनार केंद्रीय राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने की शिरकत ....

गीता हर व्यक्ति को उसकी शक्ति का तो एहसास कराता ही है साथ ही साथ दूसरे व्यक्ति में भी सकारात्मक विचार पैदा करने की शक्ति देता है और यही कारण है कि आज पढ़ाई के साथ गीता के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी रखनी चाहिए और इस तरह के सेमिनार से जागरूकता तो आती ही है साथ ही साथ विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति और सभ्यता को बचाने की सीख मिलती है जिससे उनके जीवन का लक्ष्य एक विश्वास के साथ आसानी से प्राप्त होता है।

गुरूग्राम यूनिवर्सिटी में इंटरनेशन सेमिनार  केंद्रीय राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने की शिरकत ....

गुरूग्राम यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट डिपार्टमेंट की तरफ से इंटरनेशनल सेमिनार का आयोजन किया गया....इस मौके पर केंद्रीय राज्यमंत्री संतोष कुमार गंगवार ने शिरकत की और गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने भी बच्चों को गीता के महत्व के बारे में जानकारी दी....गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में आयोजित इंटरनेशनल सेमिनार में शिरकत करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार के अलावा गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने मैनेजमेंट में किस तरह से गीता का अपना एक महत्व है इसकी जानकारी दी साथ ही बताया कि भारतीय ग्रंथ किस तरह जीवन शैली को बदलने के साथ-साथ जीवन भाव को भी किस तरह से प्रभावित करता है उसका एक बड़ा उदाहरण यही है कि जो भारतीय संस्कृति है वह परिश्रम प्रेम सकारात्मक विचार और विश्वास सिखाता है। मैनेजमेंट डिपार्टमेंट की तरफ से जुड़ सेमिनार आजम किया गया था इसका मुख्य उद्देश्य यही था कि किस तरह से मैनेजमेंट की पढ़ाई गीता उपयोगी ही नहीं बल्कि मददगार भी है।गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल सेमिनार में कई बड़ी शख्सियत ने हिस्सा लिया इंटरनेशनल सेमिनार में हर वक्त आने यह बताने की कोशिश की कि गीता हमारे जीवन में कितना महत्व रखती है इसका जीता जागता उदाहरण यही है कि आज विश्व शक्ति जो देश हैं वह हथियारों के बल पर अपनी ताकत की नुमाइश करते हैं लेकिन भारत अकेला ऐसा देश है जो प्रेम विश्वास और अखंडता के आधार पर अपनी पहचान रखता है भारत में हर 3 किलोमीटर पर पानी और भाषा में परिवर्तन आता है लेकिन विचार, लक्ष्य ,विश्वास ,में किसी तरह से कोई बदलाव नहीं आता है । ये हमारे ग्रंथ गीता का ही कारण है।यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर मारकंडेय आहूजा इस मौके पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गीता हमारा एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं बल्कि हमारे जीवन का एक हिस्सा भी है गीता हर व्यक्ति को उसकी शक्ति का तो एहसास कराता ही है साथ ही साथ दूसरे व्यक्ति में भी सकारात्मक विचार पैदा करने की शक्ति देता है और यही कारण है कि आज पढ़ाई के साथ गीता के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी रखनी चाहिए और इस तरह के सेमिनार से जागरूकता तो आती ही है साथ ही साथ विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति और सभ्यता को बचाने की सीख मिलती है जिससे उनके जीवन का लक्ष्य एक विश्वास के साथ आसानी से प्राप्त होता है।