1975 में बनी पानी की टंकी क्षतिग्रस्त होने से लगा रहता था आसपास केे लोगों को टंकी गिरने का डर इसलिए नगर पंचायत ने पानी की टंकी को आगरा से बुलाकर टीम को टंकीी को फिल्मी स्टाइल में गिराया नीचे .............

टंकी को जिस तरीके से नीचे गिराया गया है उसे कोई भी घटना हो सकती थी मगर ऐसा नहीं हुआ गिराते वक्त लोगों को हटा दिया गया था वही नगर पंचायत के अध्यक्ष ने बताया की टंकी काफी पुरानी हो चुकी थी और जिस कारण उसकी सफाई भी नहीं हो पा रही थी इसलिए इसको कुशलता पूर्वक ध्वस्त कर दिया गया है और इससे किसी को भी कोई जनहानि नहीं हुई है । अब देखना होगा कि लोगों को पीने के गंदे पानी से तो राहत मिल गई मगर स्वच्छ पानी कब तक मिल पाएगा

1975 में  बनी  पानी की टंकी क्षतिग्रस्त होने से लगा रहता था आसपास केे लोगों को टंकी गिरने का डर इसलिए नगर पंचायत ने पानी की टंकी को आगरा से बुलाकर टीम को टंकीी को फिल्मी स्टाइल में गिराया नीचे .............

 मथुरा के ब्लॉक नगर पंचायत चौमुहां में 1975 में  बनी  पानी की टंकी क्षतिग्रस्त होने से लगा रहता था आसपास केे लोगों को टंकी गिरने का डर इसलिए नगर पंचायत ने पानी की टंकी को आगरा से बुलाकर टीम को टंकीी को फिल्मी स्टाइल में गिराया नीचे कोई जनहानि नहीं अगल-बगल के बिल्डिंग भी रही सुरक्षित लोगों ने देखा  टंकी गिरने का तमाशा दरअसल पुरानी बनी टंकी क्षतिग्रस्त हो चुकी थी उसकी सीढ़ियांं  भी क्षतिग्रस्त हो गई थी जबकि इस टंकी के आसपास एक बालाजी मंदिर तो दूसरी तरफ प्राथमिक विद्यालय था जबकि दोनों ही जगह ऐसी है जहां लोगों को अक्षर आना जाना सुचारू रूप से रहता है जबकि प्राथमिक विद्यालय में बच्चे पढ़ने आते हैं तो उनके अंदर भी एक डर बना रहता था जबकि मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालु भी इस टंकी के क्षतिग्रस्त होने से भयभीत रहते थे वही क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी की टंकी की सफाई भी नहीं हो पाती थी जिस कारण लोगों को गंदा पानी ही पीने को मिल पाता था जबकि सरकार स्वच्छता पर ध्यान दे रही है उसके बावजूद भी यह गांव के लोग मजबूर होकर उसी पानी को पी रहे थे बहुत दिनों के बाद इसका संज्ञान लिया गया और आगरा से पानी की टंकी को गिराने के लिए टीम को बुलाया गया जोकि बड़े ही अजीब ढंग से इस टंकी को फिल्मी स्टाइल में गिराया गया जिसको देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा जबकि जिस टंकी को जिस तरीके से नीचे गिराया गया है उसे कोई भी घटना हो सकती थी मगर ऐसा नहीं हुआ गिराते वक्त लोगों को हटा दिया गया था वही नगर पंचायत के अध्यक्ष ने बताया की टंकी काफी पुरानी हो चुकी थी और जिस कारण उसकी सफाई भी नहीं हो पा रही थी इसलिए इसको कुशलता पूर्वक ध्वस्त कर दिया गया है और इससे किसी को भी कोई जनहानि नहीं हुई है ।देखना होगा कि लोगों को पीने के गंदे पानी से तो राहत मिल गई मगर स्वच्छ पानी कब तक मिल पाएगा