मथुरा सरकार का "पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया' नारा हुआ फेल

मथुरा। एक तरफ तो सरकार का नारा है ‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ शिक्षा विभाग की स्थिति को देखकर कहने को मजबूर है अगर ऐसे पढ़ेगा इंडिया तो कैसे बढ़ेगा इंडिया यही हालत है मथुरा के राया ब्लॉक के गांव सियरा में सरकारी प्राथमिक विद्यालय कहे जाने वाले विद्यालयों की। हकीकत क्या है विद्यालय के बच्चे झाड़ू लगाते है तो कही बर्तन धोते नजर आते हैं

मथुरा सरकार का
 मथुरा (मदन सारस्वत) || मथुरा। एक तरफ तो सरकार का नारा है ‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ शिक्षा विभाग की स्थिति को देखकर कहने को मजबूर है अगर ऐसे पढ़ेगा इंडिया तो कैसे बढ़ेगा इंडिया यही हालत है मथुरा के राया ब्लॉक के गांव सियरा में सरकारी प्राथमिक विद्यालय कहे जाने वाले विद्यालयों की। हकीकत क्या है विद्यालय के बच्चे झाड़ू लगाते है तो कही बर्तन धोते नजर आते हैं  तो कहीं स्कूल में बैट बॉल व झाड़ू लगाते हुए नजर आते हैं कही बच्चे है तो शिक्षक नहीं आते है शिक्षक आते भी है
तो  स्कूल का समय निकलने के बाद स्कूल में प्रवेश करते हैं ऐसा मामला मथुरा जनपद की विकासखंड राया के गांव सियारा का है स्कूल में तैनात टीचर बच्चों से झाड़ू लगवा ते नजर आते हैं  जब इसकी जानकारी विद्यालय में तैनात टीचर से की गई तो उन्होंने बताया है कि सारे स्कूलों में ही बच्चे ही झाड़ू लगाते हैं जब बच्चों से पूछा गया तो बच्चों ने बताया है कि हम अपने स्कूल में झाड़ू लगाते हैं
और टीचर समय पर नहीं पहुंचते हैं आखिर सरकार के प्राइमरी के शिक्षकों द्वारा बच्चों का शोषण किया जा रहा है जिन बच्चों के हाथों में किताब और पेंसिल होनी चाहिए उनके हाथों में आज  झाड़ू थमा दी गई है आखिर इन बच्चों का कसूर क्या है घर से बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं और स्कूल में आकर उन्हें झाड़ू लगानी पड़ती है आखिर ऐसे शिक्षकों पर कब हो पाएगी कार्रवाई स्कूल के शिक्षक स्कूल में जब टाइम से नहीं पहुंचते हैं तो पूछने पर बताया जाता है कि कभी गाड़ी लेट हो गई तो कभी जाम लग गया