गत रात्रि बच्चों के एक निजी अस्पताल के बाहर लोगों का हंगामा परिजनों का आरोप डॉक्टर की लापरवाही से हमारे ढाई साल के बच्चे की हुई मौत कर रहे हैं कार्रवाई की मांग

अस्पताल के चिकित्सक डा. अश्वनी गर्ग ने कहा कि बच्चे की मौत में हमारी कोई लापरवाही नहीं है। जो भी परिजन जांच या कानूनी कार्रवाई चाहते हैं मैं उसके लिए तैयार हूं। हमारे पास बहुत केस आते हैं, हमारा प्रयास रहता है कि बच्चों को स्वस्थ करके भेजें। लेकिन कुछ केस ऐसे होते हैं कि प्रयास के बावजूद भी बच्चे की जान नहीं बचा पाते। इस केस में भी कुछ ऐसा ही हुआ है।

गत रात्रि बच्चों के एक निजी अस्पताल के बाहर लोगों का हंगामा परिजनों का आरोप डॉक्टर की लापरवाही से हमारे ढाई साल के बच्चे की हुई मौत कर रहे हैं कार्रवाई की मांग

गत रात्रि बच्चों के एक निजी अस्पताल के बाहर लोगों का हंगामा परिजनों का आरोप डॉक्टर की लापरवाही से हमारे ढाई साल के बच्चे की हुई मौत कर रहे हैं कार्रवाई की मांग ढांड रोड स्थित बच्चों के एक निजी अस्पताल में 2.5 साल के बच्चे आरुष को बुखार होने पर ईलाज के लिए दाखिल करवाया गया था, जहां उसकी ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। परिजनों ने बच्चे की मौत पर चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शनिवार सांय को अस्पताल में पहुंचकर हंगामा किया। बच्चे के पिता सी.ए. कमल गर्ग निवासी मॉडल टाउन कैथल ने कहा कि उसके बेटे आरूष को बुखार होने पर सुबह अस्पताल से दवाई दिलवाई थी और घर चले गए। घर जाने पर बच्चे के नाक से खून बहने लगा और दोबारा वे बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सक ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है और न ही बच्चे को दाखिल करने की। ऐसा अक्सर हो जाता है। इसके बाद चिकित्सक ने बच्चे की नाक में दवाई के 2 ड्रॉप डाल दिए। इसके बाद बच्चे की ज्यादा तबियत खराब होने लगी और कुछ ही देर में बच्चे की मौत हो गई। परिजन बच्चे के संस्कार करने के बाद अस्पताल पहुंचे और चिकित्सक पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए चिकित्सक पर कार्रवाई किए जाने के आरोप लगाए। हंगामे की सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस भी मौके पर पहुंची और लोगों को शांत किया। अस्पताल के चिकित्सक डा. अश्वनी गर्ग ने कहा कि बच्चे की मौत में हमारी कोई लापरवाही नहीं है। जो भी परिजन जांच या कानूनी कार्रवाई चाहते हैं मैं उसके लिए तैयार हूं। हमारे पास बहुत केस आते हैं, हमारा प्रयास रहता है कि बच्चों को स्वस्थ करके भेजें। लेकिन कुछ केस ऐसे होते हैं कि प्रयास के बावजूद भी बच्चे की जान नहीं बचा पाते। इस केस में भी कुछ ऐसा ही हुआ है वर्जन सिविल लाइन सब इंस्पैक्टर रामकुमार ने कहा कि परिजनों द्वारा अस्पताल में पहुंचने की सूचना मिली थी। परिजनों का कहना है कि चिकित्सक के खिलाफ वे सिविल सर्जन को शिकायत देंगे। शिकायत आने पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। अभी हमारे पास लिखित में कोई शिकायत नहीं आई है।