चाइना से इंपोर्ट होने वाले सामान की मैन्युफैक्चरिंग अब खुद करेगा भारत

चाइना में कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है| जिसका असर अब भारत  के उद्योग पर दिखने लगा है| साइबर सिटी गुरुग्राम में देश और विदेश की बड़ी-बड़ी कंपनियों के प्लांट हैं| साथ ही ऑटोमोबाइल हब भी गुरुग्राम को माना जाता है | जिसके चलते रॉय मटेरियल से लेकर कई सारी मशीनरी के सामान भी चाइना से इंपोर्ट किए जाते हैं | 

चाइना से इंपोर्ट होने वाले सामान की मैन्युफैक्चरिंग अब खुद करेगा भारत

गुरुग्राम (संजय खन्ना) || चाइना में कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है| जिसका असर अब भारत  के उद्योग पर दिखने लगा है| साइबर सिटी गुरुग्राम में देश और विदेश की बड़ी-बड़ी कंपनियों के प्लांट हैं| साथ ही ऑटोमोबाइल हब भी गुरुग्राम को माना जाता है | जिसके चलते रॉय मटेरियल से लेकर कई सारी मशीनरी के सामान भी चाइना से इंपोर्ट किए जाते हैं | लेकिन करोना वायरस के कहर के चलते अब कंपनियां चाइना से कुछ भी इंपोर्ट करने से कतरा रही है| जिसके चलते बड़ी-बड़ी कंपनियों ने अपने साथी कंपनियों को चाइना से इंपोर्ट होने वाले सम्मान को खुद ही भारत में मैन्यूफैक्चर करने के निर्देश दे दिए हैं| 

 

चाइना से इंपोर्ट किए जाने वाले सामान को अब भारतीय बाजार में ही डवलेप करवाने के विकल्प तलाशे जा रहे हैं, जिससे स्थानीय बाजार में भी बूम की उम्मीद भी बंधी हैगुरुग्राम का उद्योग जगत इंपोर्ट किए जाने वाले सामान की लागत इससे जुड़े दूसरे विषयों से भी लड़ने के लिए कमर कस रहा हैगुरुग्राम में मारुति सुजूकी, होंडा, हीरो बजाज जैसी बड़ी कंपनियों के प्लांट है|

ऐसे में ऑटो , गारमेंट, मेडीकल, आईटी सहित कई चीजों के उत्पादन में गुरुग्राम के उद्योगों का भारतीय अर्थ व्यवस्था के बड़ा योगदान है और अब इन कंपनियों के उत्पादों में चीन के किसी किसी पुर्जे या सामान का इस्तेमाल किया जाता है | ऐसे में कोरोना वायरस के खौफ से भारतीय इंपोर्टर भी समान इम्पोर्ट से कतरा रहे है|  इसलिए अब उद्योगों ने चाइना से इंपोर्ट किए जाने वाले सामान के उत्पादन के विकल्प भारतीय बाजार में ही खोजने शुरू कर दिए हैं| 
 

भारतीय उद्योगपति की माने तो भारत के लिए यह अच्छा मौका है कि भारत अपने सामान की मैन्युफैक्चर करके विदेश में भी उसको एक्सपोर्ट कर सकता है क्योंकि विदेश में भी कोरोना के चलते चाइना की मार्केट पर बड़ा असर देखने को मिला हैऐसे में भारत इस मौके को भुना सकता है लेकिन उसके लिए सरकार को कुछ कदम उठाने होंगे और उद्योगपति की सहायता करनी होगी ऐसे में देखना होगा कि क्या इस मौके को भारतीय सरकार इस मौके को भुना पाएगी या नहीं यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा |