पंजाब और चंडीगढ़ की तर्ज पर हरियाणा में भी हुआ लॉक डाउन

पंजाब और चंडीगढ़ की तर्ज पर हरियाणा में भी लॉक डाउन के बाद अब कर्फ्यू लगाने की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्यूंकि अंबाला की जनता लॉक डाउन के बावजूद घरों से बाहर और सड़कों पर निकलने से नहीं हट रही। आलम ये है कि खुद अंबाला के उपायुक्त और अंबाला के पुलिस कप्तान को बाजारों में जाकर स्थिति को संभालना पड़ा है। वहीँ हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज भी इस और इशारा कर चुके हैं कि अगर लोग न माने तो सरकार कड़े कदम उठाने से भी परहेज नहीं करेगी।

पंजाब और चंडीगढ़ की तर्ज पर हरियाणा में भी हुआ लॉक डाउन

अम्बाला (अंकुर कपूर) || पंजाब और चंडीगढ़ की तर्ज पर हरियाणा में भी लॉक डाउन के बाद अब कर्फ्यू लगाने की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्यूंकि अंबाला की जनता लॉक डाउन के बावजूद घरों से बाहर और सड़कों पर निकलने से नहीं हट रही। आलम ये है कि खुद अंबाला के उपायुक्त और अंबाला के पुलिस कप्तान को बाजारों में जाकर स्थिति को संभालना पड़ा है। वहीँ हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज भी इस और इशारा कर चुके हैं कि अगर लोग न माने तो सरकार कड़े कदम उठाने से भी परहेज नहीं करेगी। 

ये अंबाला के लॉक डाउन की तस्वीरें हैं। जहाँ सिर्फ नाम मात्र का ही लॉक डाउन है। क्यूंकि अधिकतर बाजारों में लोगों की भीड़ हर रोज की तरह दिखाई दे रही है। जो राशन की दुकानें खुली हैं उन पर भी लोग काफी संख्या में जुट रहे हैं। वहीँ बाजार में फल-फ्रूट की दुकाने भी भीड़ का कारण बन रही हैं। ऐसे में लॉक डाउन पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। लोगों द्वारा भीड़ इक्क्ठी की जाने की खबरों के बाद नतीजतन अंबाला के उपायुक्त और अंबाला के पुलिस कप्तान ने खुद बाज़ारों में उतरकर मोर्चा संभाला। अंबाला छावनी के बाजारों में खुली राशन की दुकानों पर जुटी भीड़ पर अंबाला के उपायुक्त और SP काफी सख्त नजर आये और लोगों को कड़ी चेतावनी देते दिखे। मिडिया से बातचीत में अंबाला के उपायुक्त ने बताया कि  कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। वहीँ उपायुक्त ने बताया कि अंबाला में कॉरेन्टाइन किये गए व्यक्ति पर मामला भी दर्ज किया गया है क्यूंकि वो व्यक्ति बाहर घूमता पाया गया था। 

लोग लॉक डाउन का सख्ती से पालन नहीं कर रहे। लेकिन सरकार ने अब ये मन बना लिया है कि हर हालत में लोगों को कम से कम घरों से निकलने दिया जाये। इसके लिए सरकार सख्ती भी करने की तैयारी कर रही है। जानकारी देते हुए खुद गृह मंत्री अनिल विज इस तरफ इशारा किया है कि अगर लोग घरों में नहीं रुकते तो सरकार कड़े फैसले लेने से भी पीछे नहीं हटेगी। अनिल विज ने बताया कि अभी कई कड़े कदम उठाने की जरूरत है। विज ने दुकानदारों को नसीहत दी है कि अगर वो दुकाने खुली रखना चाहते हैं तो दुकानदार अपनी दूकान पर आने वाले व्यक्तियों एक दूसरे से डेढ़ मीटर की दुरी पर खड़ा करे। विज स्पष्ट कहा कि अगर दुकानदार सरकार के आदेश नहीं मानते तो ऐसे लोगों की दुकानें बंद करवाई जाएँगी। विज ने बताया कि अगर लॉक डाउन से लोग न माने तो सरकार और कड़े कदम उठा सकती है। वहीं विज ने यह भी बताया कि लोगों पर धारा 188 की कार्रवाई भी की जा रही है। 

सरकार कोरोना को लेकर किसी भी प्रकार का रिस्क नहीं लेना चाहते। इसी के चलते पर्देश सरकार रिटायर हो चुके डॉक्टरों को भी वापिस बुलाने पर विचार कर रही है। इसके लिए सरकार ने रिटायर्ड डॉक्टरों की सूची बनानी शुरू कर दी है। इतना ही नहीं हाल ही में भर्ती हुए नए डॉक्टरों को भी सरकार नियुक्ति पत्र जारी करने जा रही है और नए 340 एडहॉक डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया भी सरकार शुरू करने जा रही है। विज ने बताया कि कोरोना से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है।