गुरूग्राम : मरे हुए का व्यक्ति का पारस अस्पताल ने किया ईलाज .....

व्यक्ति का बिल 53 हजार रूपये आ सकता है उसके बाद परिजनों से जब डाक्टरों से पूछा तो फिर रात भर दवाई और इंजेक्शन का ये बिल बताया गया ...जिसके बाद परिजनों से अस्पताल पर आरोप लगाय है कि पारस अस्पताल के डाक्टर मरीजों का नही बल्कि डेडबॉडी का ईलाज करते हैं ...परिजनों के हंगामे के बाद मरीज जिंदा बताकर ईलाज की बात कही गई लेकिन जब उमेश को दूसरे अस्पताल में ले जाया गया तो वहा के डाक्टरों ने भी परिजनों की तरह ही उमेश को मृत घोषित कर दिया ..

गुरूग्राम : मरे हुए का व्यक्ति का पारस अस्पताल ने किया ईलाज .....

गुरूग्राम का पारस अस्पताल एक बार फिर विवादो में इस बार गुरूग्राम के पारस अस्पताल पर आरोप लगे है कि पारस अस्पताल के डाक्टरों ने एक डेडबॉडी का पूरी रात ईलाज किया जिसका बिल उन्होने 53 हजार रूपये बना दिया ....बॉलीवुड मूवी गब्बर मे जिस का वो सीन आपको याद जरूर होगा जिसमें मरे हुए व्यक्ति का ईलाज डाक्टरों की तरफ से किया ...ठीक उसी तर्ज पर गुरूग्राम के पारस अस्पताल के डाक्टरों पर भी आरोप लगा हैं कि यहां के डाक्टर मरीजों का नही बल्कि डेडबॉडी का ईलाज करते है ये हम नही बल्कि गुरूग्राम के बंधवाडी गांव के वो लोग लगा रहे है जिनका 32 साल का उमेश तीन दिन पहले ही शरीर मे इंफेक्शन के चलते एडमिट हुआ था परिजनों की माने तो कल शाम को ही डाक्टरों ने उन्हे मृत घोषित कर डेडबॉडी ले जाने के लिए बोल दिया लेकिन देर शाम होने के चलते परिवार वाले डेडबॉडी तो नही लेकर गए बल्कि मृतक उमेश का पूरा बिल उन्होने चुका दिया और रात होने की वजह से सुबह डेडबॉडी ले जाने को लेकिन जब सुबह परिजन पहुचे तो उन्होने फिर से 53 हजार का बिल थमा दिया  परिजनो ने जब बिल देखा तो चौक गए कि आखिर कैसे मरे हुए व्यक्ति का बिल 53 हजार रूपये आ सकता है उसके बाद परिजनों से जब डाक्टरों से पूछा तो फिर रात भर दवाई और इंजेक्शन का ये बिल बताया गया ...जिसके बाद परिजनों से अस्पताल पर आरोप लगाय है कि पारस अस्पताल के डाक्टर मरीजों का नही बल्कि डेडबॉडी का ईलाज करते हैं ...परिजनों के हंगामे के बाद मरीज जिंदा बताकर ईलाज की बात कही गई लेकिन जब उमेश को दूसरे अस्पताल में ले जाया गया तो वहा के डाक्टरों ने  भी परिजनों की तरह ही उमेश को मृत घोषित कर दिया ..इस मामले पर जब हमने पारस अस्पताल प्रबंधन से बात करनी चाही तो उन्होने कैमरे पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया लेकिन बिना कैमरे इतना जरूर कहा की हमारे यहां उमेश जिंदा था ...बहराल इस मामले ने एक बार फिर भगवान रूपी डाक्टरों पर सवाल जरूर खडे कर दिए हैं ...