Gurugram: Delhi NCR में पहली बार हुआ कम उम्र की बच्ची का लिवर ट्रांसप्लांट ...

बच्ची का लिवर ट्रांसप्लांट सफल रहा इसीलिए ट्रांसप्लांट के मात्र दो सप्ताह बाद ही बच्ची को अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा रहा है । बच्ची के पिता अहमद ने भारत का और अस्पताल के डॉक्टरों का धन्यवाद कहा कि उनकी बेटी का यहां सफल इलाज किया गया ।फिल्मों में अक्सर आपने और हमने ये सुना है कि डॉक्टर भगवान का रुप होते हैं लेकिन सउदी अरब के रहने वाले इस दंपत्ति के लिए ये डॉक्टर भी भगवान से कम नहीं है जिन्होने दुनिया का रेयर ट्रांसप्लांट करके इनकी बच्ची को नया जीवनदान दिया है ।

Gurugram: Delhi NCR में पहली बार हुआ कम उम्र की बच्ची का लिवर ट्रांसप्लांट ...

दिल्ली से सटे साईबर सिटी गुरुग्राम के एक अस्पताल में दुनिया का ऐसा पहला लिवर ट्रांसप्लांट किया गया है जिसमें गाय की नसों का इस्तेमाल किया गया । ये लिवर ट्रांसप्लांट साउदी अरब की रहने वाली एक साल की मासूम बच्ची का किया गया है । 14 घंटो की लंबी सर्जरी के बाद बच्ची अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं और उसे अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है । अपनी मां की गोद में बैठी इस मासूम बच्ची का नाम है हूर जिसकी उम्र मात्र एक साल है । ये साउदी अरब की रहने वाली । हमारे भारत के डॉक्टर्स इस बच्ची के लिए भगवान का रुप बनकर आए हैं जिन्होने इतनी कम उम्र की बच्ची का लिवर ट्रांसप्लांट किया और दुनिया का ये एक एकमात्र ऐसा सफल ऑपरेशन बन गया जिसमें लिवर तक खून पहुंचाने के लिए गाय की नसों का इस्तेमाल किया गया । दरअसल सउदी अरब के रहने वाले इस दंपत्ति की एक साल की बच्ची हूर को पित्त नलिकाओं के विकसित ना होने की वजह से बच्ची के लिवर में प्रॉबल्म हो गई जिसके बाद सउदी के डॉक्टर्स ने बच्ची का इलाज भारत में कराने की सलाह दी जिसके बाद इस बच्ची के माता पिता इसे गुरुग्राम के आर्टेमिस अस्पताल लाए जहां पर इस बच्ची का लिवर ट्रांसप्लांट किया गया है और बच्ची के नए लिवर तक खून का संचार करने के लिए गाय की नसों का इस्तेमाल किया गया । बच्ची का लिवर ट्रांसप्लांट करने वाले डॉक्टरों की माने तो दिल्ली एनसीआर में ये ऐसा पहला लिवर ट्रांसप्लांट है जो इतनी कम उम्र की बच्ची का किया गया है । जबकि विश्व का ऐसा पहला लिवर ट्रांसप्लांट हैं जिसमें नए लिवर तक खून का संचार करने के लिए गाय की नसों का इस्तेमाल किया गया है । इन नसों को विदेशी कंट्री से मंगाया गया है । गुरुग्राम के आर्टेमिस अस्पताल में इस बच्ची की लिवर ट्रांसप्लांट किया जिसका ऑपरेशन करीब 14 घंटो में सफल हो पाया । बच्ची को व्यस्क लिवर का आठंवा भाग लगाया गया है ।