करनाल के घोघड़ीपुर में बिजेंद्र नाम के व्यक्ति की हुई हत्या .....

लिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए।फिलहाल करनाल ज़िले में क्राइम पर अंकुश लगाने में पुलिस नाकाम नज़र आ रही है। बदमाश कहीं लूट की वारदात कर जाते हैं, कहीं हत्या की वारदात को अंजाम देते हैं, बदमाशो के ज़हन से पुलिस का डर खत्म हो गया है।बहराल अब देखना होगा कि बिजेंद्र हत्याकांड में पुलिस ने जो टीमें बनाई हैं वो इन आरोपियों को गिरफ्तार कर पाती है या फिर वो यूँहीं पुलिस की नाक में दम करते हुए घूमते रहेंगे। 

करनाल के घोघड़ीपुर में बिजेंद्र नाम के व्यक्ति की हुई हत्या .....

करनाल : बिजेंद्र की शादी नहीं हुई थी, इसलिए बिजेंद्र गांव के बाहर अपने डेरे में रहता था। काम के सिलसिले में पंचकूला रहने वाला बिजेंद्र गांव में आया हुआ था। रोज़ाना की तरह बिजेंद्र डेरे पर बैठा था। कुछ लड़के गाड़ी पर सवार होकर बिजेंद्र से मिलने आते है, उससे बातचीत करते हैं, लेकिन कुछ देर बातचीत करने के बाद बिजेंद्र को वो बदमाश एक गोली मारते हैं, गोली लगने के बाद घायलावस्था में बदमाशों से बचने के लिए बिजेंद्र सड़क पर भागता है, लेकिन बदमाशो के सिर खून सवार था, वो बिजेंद्र को मौत के घाट उतारने आए थे, गाड़ी सवार बदमाश बिजेंद्र के पीछे भागते हैं और उसे एक और गोली मारते हैं। बिजेंद्र की मौके पर ही मौत हो जाती है। बिजेंद्र की मौत सूचना मिलने के बाद गांव के लोग सन रह जाते हैं, क्योंकि गांव वालों का कहना है कि बिजेंद्र से ना तो किसी की ज़्यादा बातचीत थी और ना ही बिजेंद्र की किसी से कोई दुश्मनी।इस हत्याकांड के बाद पुलिस , सीआईए ,CID, FSL की टीमें पहुंचकर सबूत जुटाने में जुट गई। मौके पर पहुंचे गांव के लोगों ने भी बिजेंद्र के बारे बताया, और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए।फिलहाल करनाल ज़िले में क्राइम पर अंकुश लगाने में पुलिस नाकाम नज़र आ रही है। बदमाश कहीं लूट की वारदात कर जाते हैं, कहीं हत्या की वारदात को अंजाम देते हैं, बदमाशो के ज़हन से पुलिस का डर खत्म हो गया है।बहराल अब देखना होगा कि बिजेंद्र हत्याकांड में पुलिस ने जो टीमें बनाई हैं वो इन आरोपियों को गिरफ्तार कर पाती है या फिर वो यूँहीं पुलिस की नाक में दम करते हुए घूमते रहेंगे।