अम्बाला : विभिन्न उद्योगों पर भी दिखने लगा कोरोना वॉयरस का असर ...

चाइना से अंबाला की खिलौना इंडस्ट्रीज पर भी असर देखने को मिलने लगा है। बाजार में माल न आने से मंदी हो गई है और ज्यादातर आधुनिक खिलोने चाइना से सस्ते दामों पर आते हैं जिससे आम लोगों की पहुँच में रहते हैं। उनका कहना है भारत में निर्मित खिलौने के मुकाबले चाइना से आने वाले खिलोने सस्ते और आकर्षक होते हैं। जिसे ग्राहक हाथो हाथ खरीद लेता है। अब वहां वायरस फैलने से खिलौने आने बंद हो गए हैं और अब आगे होली का त्यौहार भी आ रहा है और चाइना की सस्ती पिचकारी न आने से उद्योग पर असर पडेगा।

अम्बाला : विभिन्न उद्योगों पर भी दिखने लगा कोरोना वॉयरस का असर ...

अम्बाला :  चाइना में फैले कोरोना वॉयरस का अंबाला के विभिन्न उद्योगों पर असर देखने को मिलने लगा है। चाइना से डिस्पेच बंद होने से त्योहारों में बिकने वाले चाइनीज खिलौने साइंस उद्योग के कांच के सामान सहित अन्य बनने वाले आइटम का प्रभावित होना लाजिमी। कोरोना वॉयरस के चलते हवाई यात्रा के टिकट रद्द होने से पड़ा भारी असर। खिलौने, कैमिकल,स्वास्थ्य का सामान, माइक्रोस्कोप का बढ़ सकता है मूल्य।  चाइना में कोरोना वायरस फैलने के बाद इसका असर विश्व स्तरीय उद्योगों पर पड़ा है वहीँ अंबाला की साइंस, स्वास्थ्य, केमिकल्स, खिलौना व्यापार सहित चाइना व आसपास के देशों में हवाई यात्रा के टिकट बुकिंग वाले भी इससे प्रभावित हुए हैं। हवाई यात्रा टिकट बुकिंग करने वाले अमरदीप सिंह की माने तो कोरोना वायरस फैलने से चाइना एयरलाइंस सहित न्यूजीलैंड व अन्य देशों को जाने वाले यात्रियों की टिकट बुकिंग पर फर्क पड़ा है वहीँ उन्होंने जो टिकट पहले बुक की हुई थी उसका अभी तक रिफंड न आने से और उन्हें उसको रद्द करने से कमीशन का नुक्सान हुआ है। वहीँ साइंस उद्योग पर भी इस वायरस का असर देखने को मिला है। साइंस का सामान विदेशों में भेजने वाले उद्योगपतियों की माने तो चाइना में फैले कोरोना वायरस का असर भारत की साइंस इंडस्ट्रीज पर पड़ा है। गौतम बंसल का कहना है उनका चाइना से ग्लॉस ट्यूब का कच्चा माल आता है चाइना में फैले कॅरोना वायरस से उनकी सारी डिस्पैच बंद हो गई। फोन करने पर भी वहां से कोई जवाब नहीं आ रहा। जिससे हमारे ट्रेड पर भारी असर पड़ रहा है और नुक्सान हो रहा है। उनका कहना है यदि इस पर काबू न पाया गया तो हमारे उद्योग बंद होने के कगार पर आ सकते हैं। कलगीधर साइंटिफिक वर्क्स के एम डी का कहना है कि भारत में साइंस उद्योग में प्रयोग होने वाला 80 फीसदी कैमिकल चाइना से आता है। हमारी हेल्थ इंडस्ट्रीज में दवाइयों में प्रयुक्त होने वाले ज्यादातर केमिकल्स भी वहीं से आते हैं। इन्सुलिन बनाने वाला पाउडर भी चाइना से इम्पोर्ट होता है, बी 12 नामक कैमिकल की कीमतों में इजाफा हो गया है। हमारी ऑप्टो ऑप्टिकल और ग्लॉस वेयर के रेट बढ़ने से धंधा भी चौपट होने के कगार पर है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि जल्दी ही उनकी शिपमेंट नहीं खुली तो आने वाले समय में नुक्सान हो सकता है। चाइना से अंबाला की खिलौना इंडस्ट्रीज पर भी असर देखने को मिलने लगा है। बाजार में माल न आने से मंदी हो गई है और ज्यादातर आधुनिक खिलोने चाइना से सस्ते दामों पर आते हैं जिससे आम लोगों की पहुँच में रहते हैं। उनका कहना है भारत में निर्मित खिलौने के मुकाबले चाइना से आने वाले खिलोने सस्ते और आकर्षक होते हैं। जिसे ग्राहक हाथो हाथ खरीद लेता है। अब वहां वायरस फैलने से खिलौने आने बंद हो गए हैं और अब आगे होली का त्यौहार भी आ रहा है और चाइना की सस्ती पिचकारी न आने से उद्योग पर असर पडेगा।