पानीपत में दो दिन बाद आखिर परिजनों ने उठाया मजदुर का शव ...........

इसके बाद परिवार से उन्होंने पैसे जमा करवाने के बाद ही उसको एडमिट किया ,लेकिन उपचार के दौरान बीते रोज वीरभान की डेथ हो गई ,जिसके बाद शव को पानीपत के सिविल हॉस्पिटल लाया गया, वहां पर परिवार ने सीधा -सीधा आरोप लगाया कि जब तक वीरभान के हत्यारों को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता हम शव को नहीं उठाएंगे , आज शाम पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद परिजनों को दिखाया तो परिजनों ने शव को संस्कार के लिए उठाया।

पानीपत में दो दिन बाद आखिर परिजनों ने उठाया मजदुर का शव ...........

पानीपत के सामन्य हस्पताल में पिछले दो दिन से रमाल गांववासी  परिजन मजदुर के शव को आरोपी की गिरफ्तारी की मांग व् निजी ह्स्पातल पर लापरवाही की कार्यवाही की मांग पर अड़े थे। पुलिस लगातार आश्वाशन दे रही थी लेकिन परिजन अपनी मांग पर अडिंग थे ,आज शाम पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद परिजनों को दिखाया तो परिजनों ने शव को संस्कार के लिए उठाया। 

  रमाल गांव में वीरभान  जिसकी 12 तारीख को विषम परिस्थितियों में गांव में ही चोट  लगने के बाद इलाज  मौत के बाद परिजन नाराज थे और शव को संस्कार के लिए उठाने को तैयार नहीं थे ,  परिजन पानीपत के एक प्राइवेट प्रेम हॉस्पिटल के अंदर वीरभान को एडमिट कराया था  लेकिन आयुष्मान कार्ड होने के कारण भी  परिवार को परेशान किया गया था ,लेकिन  उन्होंने कार्ड को फेंक कर मारा जबकि  मरीज  वीरभान 8 घंटे तक बाहर पड़ा रहा, इसके बाद परिवार से उन्होंने पैसे जमा करवाने के बाद ही उसको एडमिट किया ,लेकिन उपचार के दौरान बीते रोज वीरभान की डेथ हो गई ,जिसके बाद शव को पानीपत के सिविल हॉस्पिटल लाया गया, वहां पर परिवार ने सीधा -सीधा आरोप लगाया कि जब तक वीरभान के हत्यारों को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता हम शव को  नहीं उठाएंगे , आज शाम पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद परिजनों को दिखाया तो परिजनों ने शव को संस्कार के लिए उठाया।