आंदोलनरत किसानों के लिए आफत बनकर आई तेज आंधी व बारिश

टिकरी बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों के लिए सरकार ही नहीं बल्कि कुदरत भी मेहरबान है। आलम यह है कि किसानों के लिए तेज आंधी वह बारिश आफत बनकर आई।

आंदोलनरत किसानों के लिए आफत बनकर आई तेज आंधी व बारिश
Jhajjar (Sanjeet Khanna) || टिकरी बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों के लिए सरकार ही नहीं बल्कि कुदरत भी मेहरबान है। आलम यह है कि किसानों के लिए तेज आंधी वह बारिश आफत बनकर आई। तेज आंधी ने पहले किसानों के तंबू उखाड़े तो वहीं बारिश ने किसानों की खाद्यय सामग्री के अलावा कुछ अन्य जरूरी सामानों को पानी पानी कर दिया। आलम यह था कि किसान स्वय तेज आंधी में अपने तम्बू में लगे बांस पकड़कर तम्बू उखड़ने बचाते नज़र आए।

किसानों का कहना था कि आंधी उनके लिए आफत बनकर आई है..उनके तम्बू उखड़ गए है...इसके अलावा जरूरी सामान को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि किसानों का कहना था कि वो हर आंधी तूफान से निपटने का मादा रखते है..वो कृषि कानून के विरोध लगातार डटे रहेंगे |

बता दे कि धूल के गुब्बारों के साथ तेज  आंधी से किसानों के अस्थाई आशियाने उजड़ते दिखाई दिए...किसान अपने तंबुओं को उखड़ने से बचाने के लिए खुद उनमें लगे लकड़ी के बांसों को पकड़ते दिखाई दिये। आप तस्वीरों में देख सकते है कि किस तरह टीकरी बॉर्डर पर आंधी तूफान ने तबाही मचाई है। ये आलम न केवल टीकरी बोडर पर देखा गया बल्कि बाज़ारो में आंधी तूफान अपनी जमकर छाप छोड़ी....दुकानो के बाहर लगे होर्डिंग्स सड़को पर उड़ते नज़र आये। इतना ही नही सड़क पर चल रहे लोगो को भी धूल भरी आंधी ने जमकर परेशान किया। वही इस आंधी से कई जगह बिजली के खंभे गिरने से कई घण्टे बिजली भी गुल रही।