मथुरा : केआर एस ग्रुप के खिलाफ महिलाओं ने किया विरोध...

प्रदेश के मुखिया लगातर भूमाफिया के खिलाफ कार्यवाही की बात कहते है तो मथुरा में हो रहे अवैध निर्माण और कवजे पर क्यो नही है सरकार का और प्रसासन का ध्यान |

मथुरा : केआर एस ग्रुप के खिलाफ महिलाओं ने किया विरोध...

Mathura (Pawan Gupta) || मथुरा के छाता तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम आजनोख का का यहां के रहने वाले ग्रामीणों ने गांव में ही प्लाटिंग कर रहे के आर एस ग्रुप पर सरकारी जमीन को हड़पने और उस पर अवैध निर्माण कराए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संपूर्ण प्रकरण पर ग्रामीणों एवं महिलाओ का कहना है। कि उनके गांव में एक प्राचीन कुआं है। जिसकी धार्मिक मान्यता है। और ग्राम के सभी जाति वर्गों के लोग अपने नवजात शिशुओं के जन्म के उपरांत होने वाले कुआं पूजन में इस धार्मिक महत्व वाले कुएं को ही प्रयोग में लेकर आते है। जिसकी जमीन पर कॉलोनाइजर द्वारा रास्ता अवरुद्ध करते हुए अवैध तरीके से दुकानों का निर्माण करा दिया गया है।

इसके लिए आज ग्रामीणों के साथ-साथ महिलाओं ने भी के आर एस ग्रुप के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि ऐसे भू माफियाओं के खिलाफ आखिर प्रशासन कार्यवाही क्यों नहीं कर पा रहा है। गांव की ही रहने वाली सुमन देवी ने बताया कि इस ग्रुप के मालिक त्यागी ने उनकी धार्मिक भावनाओं के साथ भी खेला है। और उनके गांव में चली आ रही प्राचीन परंपरा के साथ भी धोखाधड़ी करके ध्वस्त करने की कोशिश की है। महिलाओं में आज के आर एस ग्रुप के स्वामी जय प्रकाश त्यागी के खिलाफ नारेबाजी की और अपने लिए न्याय की मांग की। गांव के ही रहने वाले कौशल ने बताया कि ये भू माफिया ऐसे ही गांव गांव जाकर लोगों की जमीन का थोड़ा हिस्सा खरीदते है। और वहां पर ही ग्राम समाज की जमीनों पर कब्जा कर लेते है। उन्होंने प्रत्येक गांव में दलाल किस्म के व्यक्ति छोड़ रखे है। और स्थानीय राजनेताओं के दबाव के कारण उन पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जाती है। अधिकारी भी उन्हें केवल झूठा ही आश्वासन दे रहे है। जबकि योगी आदित्यनाथ की सरकार होते हुए भी भू माफियाओं पर आखिर कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है। ग्रामीण कौशल ने बताया कि इसके लिए वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिले है। जहां से डीएम साहब को इस मामले में अवगत कराया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में एक टीम गठित की गई है। जो उनके गांव जाएगी और उस पर कार्यवाही की जाएगी ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जब गांव का लेखपाल दिनेश इस विषय पर पहले भी अपनी रिपोर्ट दे चुका है। तो फिर ऐसे भू माफिया के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं की जाती ।जिस तरह ये विरोध दिख रहा है उसके वावजूद इन लोगो की सुनने में प्रसासन इतना समय क्यो लगा रहा है क्या कारण है ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा