जानिए कैसा रहा किसानों के लिए 100 रुपए लीटर दूध बेचना

सतरोल खाप द्वारा लिए गए फैसले 100 रुपए लीटर दूध डेयरी संचालकों को बेचने का असर नारनौद क्षेत्र में दिखना शुरू हो गया है. सतरोल खाप ने 1 मार्च से सरकारी डेयरी संचालकों को सो रुपए दूध देने का फैसला किया था और आम आदमी को नॉर्मल रेट में दूध बेचने के लिए कहा था |

जानिए कैसा रहा किसानों के लिए 100 रुपए लीटर दूध बेचना

Hisar (Parveen Kumar) || 1 मार्च सोमवार को नारनौद क्षेत्र में एक डेयरी संचालक राजेंद्र ने कहा कि आज मेरे पास वीटा प्लांट वाले दूध लेने के लिए आए थे मैंने अपना दूध उनको 100 किलो से कम बेचने से मना कर दिया तो उन्होंने भी ₹100 किलो दूध लेने से मना कर दिया मैंने अपना सारा दूध अपने पास रख लिया है और अब मैं इसको आम आदमी को उसी रेट पर बेचूगा ताकि आम आदमी को इस पर कोई भी असर ना पड़े। किसान अनिल शर्मा ने कहा कि मैं पशु रखता हूं और उनका दूध बेचता हूं मैंने दूध का वही रेट रखा है आम आदमी के लिए जो मैं पहले बेचता था. लेकिन मिल्क प्लांट वाले हमसे यदि दूध लेने आएंगे तो हम उनको 100 रुपय किलों से कम नहीं देंगे क्योंकि हमारी खाप पंचायत का यही फैसला है. उपभोक्ता शमशेर ने कहा कि हम किसानों के पास से दूध लेते हैं हमें उसी रेट में दूध मिला है जो पहले मिलता था इसे हमारे पर किसी तरह का भी कोई असर नहीं है. नारनौद कस्बे के मिष्ठान भंडार संचालक ने कहा कि किसानों के पास से हमारे पास दूध आता है किसानों ने हमें उसी रेट पर दिया है इसका हम पर कोई भी असर नहीं पड़ा है और हमने भी आगे उपभोक्ता को जो पहले रेट देते थे उसी रेट पर हमने भी दूध दिया है हां इसका मिल्क प्लांट वालों पर जरूर पड़ेगा।

सतरोल खाप के प्रधान रामनिवास लोहान ने कहा कि आज मिला-जुला असर रहा कुछ किसानों को आज पता नहीं था इसलिए कुछ किसानों ने आज दूध दिया है लेकिन आज हम हर गांव में मुनियादी करवा देंगे ताकि कल से कोई भी किसान मिल्क प्लांट को ₹100 से कम कीमत पर दूध ना दे उन्होंने कहा कि आज किसानों ने भाईचारे में दूध उसी रेट पर दिया है किसी भी ग्रामीण को दूध की समस्या नहीं रहने दी जाएगी लेकिन हमारा सहकारी मिल प्लांट को दूध देने का जो ₹100 किलो का निर्णय है हम उस पर अडिग हैं और किसानों को कहा जा रहा है कि ₹100 से कम कीमत पर सहकारी प्लांट को दूध ना दें