सोहना में छात्रों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट बना सिर दर्द...

कॅरोना के बाद प्रदेशभर में खुले स्कूलों में अधिकारियों के ढुलमुल रवैए के कारण मासूम छात्र दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं ।छात्रों को स्कूल में मेडिकल फिटनेस के बाद प्रवेश किए जाने के आदेश के बाद सैकड़ों की संख्या में मासूम छात्र सोहना नागरिक अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन ना तो इन्हें कोई समझाने वाला है ना ही इनके फिटनेस सर्टिफिकेट बनाए जा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि करो ना टेस्ट किट नही होने का कारण भी उन्हें परेशानी हो रही है ।वहीं शिक्षा अधिकारी व स्वास्थ्य अधिकारी भी इस मामले में अज्ञानता जाहिर कर रहे हैं |

सोहना में छात्रों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट बना सिर दर्द...

Sohna (Sanjay Raghav) || करोना काल के बाद 1 फरवरी से सभी सरकारी स्कूल खोलने के आदेश पारित कर दिए लेकिन वही आदेशों के साथ छात्रों को फिटनेस सर्टिफिकेट के बाद स्कूल में आने के आदेश दिए गए जिसको लेकर सैकड़ों छात्रों की लाइन  सोहना के नागरिक अस्पताल में चक्कर लगा रही हैं। लेकिन उन्हें सही गाइडलाइन करने वाला कोई नहीं है मासूम छात्र इधर से उधर चक्कर लगा रहे हैं वही सोहना की अगर बात करें तो सोहना में करोना किट नहीं होने के कारण छात्रों को तीन तीन  दिन बाद आने का समय दिया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि उनके एग्जाम शुरू होने वाले लेकिन उन्हें स्कूल में प्रवेश नहीं किया जा रहा ।

मामले में शिक्षा अधिकारी व स्वास्थ्य अधिकारी से बात करनी चाही तो उन्होंने पूरी तरह से चुपके शादी हुई है दरअसल इस आदेश के बाद छात्रों को फिजिकल फिटनेस सर्टिफिकेट देकर स्कूल जाना है लेकिन उसके बाद स्कूल के अध्यापक होने का रोना टेस्ट कराए जाने का है आदेश दे रहे हैं इन आदेशों का सही तरीके से पता नहीं होने के कारण छात्र दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं