मथुरा में कुम्भ को लेकर सरकारी नियम ताक पर...

मथुरा वृन्दावन में फरबरी में लगने बाले कुम्भ को लेकर सरकार पूरी तैयारी जरूर कर रही है मगर अभी भी मथुरा से वृन्दावन जाने बाले रास्ते की हालत जस की तस बनी हुई अधिकारी नही देते माकूल जवाब।

मथुरा में कुम्भ को लेकर सरकारी नियम ताक पर...

Mathura (Madan Sarswat) || हम बात कर रहे हैं मथुरा से वृंदावन जाने वाले रास्ते की जो कि तपोभूमि के समीप का है जहां लगभग 10 महीने से सड़क पर कार्य चल रहा है मगर अभी तक वह कार्य पूरा नहीं हो पाया है जब के वृंदावन में बड़े स्तर पर लगने वाले कुंभ की तैयारियां भी सरकार की ओर से और प्रशासन की ओर से लगातार जारी है तो क्या प्रशासन का ध्यान इस बन रहे रास्ते पर अभी तक क्यों नहीं जा पाया है जबकि अक्सर घटनाएं भी बन रही सड़क पर देखने को मिली है जबकि एक मासूम बच्चे के साथ भी घटना हो चुकी है और आने जाने वाली गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो जाती हैं जिस गति से यह कार्य चल रहा है उसको देखकर तो यही लगता है की कुंभ से पहले यह कार्य भी  नहीं हो पाएगा जबकि मौके पर रहकर अधिकारियों की देखरेख में यह कार्य होना चाहिए मगर मौके पर लेबर के अलावा कोई अधिकारी मौजूद नहीं रहता है जिस तरह से सड़क का निर्माण किया जा रहा है उस पर भी स्थानीय सवाल उठा रहे हैं और अधिकारियों को दोष दे रहे हैं जबकि स्थानीय लोग भी इससे परेशान है |

वहीं स्थानीय दुकानदार भी लगभग 10 महीने से चल रहे इस कार्य से अपने रोजगार को लेकर भी चिंतित नजर आ रहे हैं  वहीं समाजसेवी तारा चंद गोस्वामी का कहना है कि यह रोड कई बार तोड़ा गया है कभी शिवर के लिए कभी नालों के लिए अगर इस रोड को आरसीसी ही बनाना था तो एक ही बार में सरकार ने यह काम क्यों नहीं कराया जब कि इसमें लगातार बार-बार पैसा खर्च हो रहा है और फोर लेन की भी बात कही वही योगी जी को बताते हुए कहां कि योगी जी आपका ध्यान वृंदावन की ओर अधिक है तो फिर मथुरा से वृंदावन जाने वाली सड़क को भी देखना चाहिए जब के ऊर्जा मंत्री जी के बारे में भी कहा की साइकिल से पूरे शहर का भ्रमण करते हैं तो क्यों ना इस रोड पर घूम कर देखा जाए तो धरातल की हकीकत सामने आएगी अगर इस तरह से यह काम होता रहा तो कुंभ में आने वाले संत और श्रद्धालु भी क्या इस धर्म नगरी के बारे में सोचेंगे यह एक सवाल है जबकि अग्रवाल सभा के प्रधानमंत्री का भी कहना था कि भ्रष्टाचार अपने चरम पर है और सब कमीशन खोरी का काम है जिस तरह से मुरादनगर की घटना हुई वह कमीशन खोरी के चक्कर में ही हुई इसलिए यह भी कमीशन खोरी का काम है जो अभी तक पूरा नहीं हो पा रहा है जिस तरह से यहां से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है वहीं घटनाएं भी लगातार हो रही है मगर ना तो सरकार का और ना ही प्रशासन का इस ओर ध्यान है कि इस मार्ग को जल्दी से जल्दी पूरा कराया जाए क्योंकि कार्य करने की जो गति है वह बहुत ही धीमी गति से चल रही है जबकि अधिकारियों का कहना है कि यह मार्ग लगभग 31 जनवरी तक पूर्ण हो जाएगा जब मानक के बारे में जानकारी करना चाहा उनका कहना था कि पीडब्ल्यूडी ने नक्शा बनाकर दिया है उसी के आधार पर यह कार्य जल निगम करा रहा है जबकि वहां कार्य करा रहे इंजीनियर से मानकों की जानकारी ली गई तो उनका साफ तौर पर कहना था की हमें जो काम दिया गया है वह हम अपना काम करा रहे हैं बाकी सरकारी विभाग से जानकारी लीजिए अधिकारियों के बारे में भी जानकारी की गई कि यहां आते हैं या नहीं उस पर भी इंजीनियर का कहना था कि दोपहर के बाद कभी-कभी आते हैं इससे तो यही माना जाए कि कहीं ना कहीं अधिकारियों की भी लापरवाही देखने को मिल रही है जबकि ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने नवागत जिलाधिकारी को मथुरा के कार्यों को लेकर एक लिखित पत्र जारी किया था जिसमें साफ तौर पर लिखा गया था कि अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करें तो फिर जल निगम इस कार्य को कुंभ शुरू होने से पहले क्यों नहीं पूरा करा पा रहा है अब देखना होगा की कुंभ शुरू होने से पहले मथुरा वृंदावन मार्ग श्रद्धालु और संतों के लिए पूरा हो पाता है य या यूं ही लोगों को परेशानियों से कुंभ में पहुंचना पड़ेगा