दिल्ली कृषि मंत्री ने नरेला अनाज मंडी का किया निरीक्षण, FCI अधिकारियों को लगाई फटकार

दिल्ली सरकार का बड़ा आरोप, किसानों का गेहूं MSP पर खरीदने के लिए फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया तैयार नहीं. साथ ही इस मामले में PM मोदी से हस्तक्षेप करने की अपील और FCI अधिकारियों को दिल्ली के कृषि मंत्री गोपाल राय ने लगाई फटकार.. दिल्ली में किसानों को किसानी का दर्जा नहीं। दिल्ली में गेहूं बेचने वाले को FCI कैसे माने किसान। यह भी एक संकट FCI के सामने है क्योंकि अधिकतर गेहूं प्राइवेट व्यापारी भी बेचते हैं। क्योंकि FCI MSP पर किसानों से ही खरीद करती है व्यापारियों से नहीं।

दिल्ली कृषि मंत्री ने नरेला अनाज मंडी का किया निरीक्षण, FCI अधिकारियों को लगाई फटकार

Delhi (Manish Dahiya) ||  दिल्ली के किसानों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। गेहूं की फसल कटने के बाद अब उनका अनाज एमएसपी पर खरीदने के लिए FCI तैयारी नहीं है। दिल्ली सरकार के कृषि मंत्री गोपाल राय ने ये दावा करते हुए पीएम मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।  आपको बता दें  कि दिल्ली के कृषि मंत्री गोपाल राय ने आज नरेला अनाज मंडी में प्रेस वार्ता में बताया कि केंद्र सरकार के फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) द्वारा दिल्ली की मंडियों में एमएसपी पर फसल खरीद के लिए काउंटर नहीं लगाए गए हैं। इस वजह से किसान सस्ते दाम में अनाज बेचने के लिए मजबूर हैं। इतना ही नहीं उन्होंने इस मामले में FCI अधिकारियों को भी फटकार लगाई और ज्लद से जल्द किसानों की समस्या हल करने को कहा। गोपाल राय ने आगे कहा कि किसान आंदोलन के समय में गेहूं की फसल देशभर में पककर तैयार हो चुकी है। लेकिन FCI द्रारा पुख्ता इंतजाम न होने के कारण किसानों को भाड़ी परेशानियों का सामना कर रहा पर रहा है।

जानकारी के लिए बता दें कि नरेला अनाज मंडी में किसानों की गेहूं 1750 रुपए प्रति क्विंटल से 1770 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रही है।  यहां पर इन किसान नेताओं ने दावा किया कि सरकार की तरफ से MSP नरेला अनाज मंडी में 1975 रुपए प्रति क्विंटल है। वहीं तय कीमत के हिसाब से गेहूं नही बिकने का मुद्दा इन किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने उठाया और कहा कि यहां पर किसानों की पूरी गेहूं खरीदी भी नहीं जा रही है।

जहां एक तरफ केंद्र सरकार किसान आंदोलन को खत्म करने की बात कर रही हैं वहीं दूसरी तरफ सरकार का दावा फेल होता जा रहा है। लेकिन सवाल ये उठता है कि एमएसपी है और एमएसपी रहेगा तो एमएसपी पर किसानों की गेहूं की फसल क्यों नहीं बिक पा रही है। यदि दिल्ली सरकार दिल्ली में किसानों को किसानी का दर्जा दे दे तो समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकता है। दिल्ली की सरकार दिल्ली के किसानों को किसान का दर्जा ऑन रिकॉर्ड दे नहीं रही है उल्टा केंद्र सरकार की संस्थाओं पर आरोप लगा रही है। अब देखने वाली  बात होगी की केंद्र या दिल्ली सरकार इस मामले में कोई संज्ञान लेती है या नहीं या फिर किसान यूं ही पिस्ता रहेगा।।